गुलाम, दीदार, राशिद सहित छह इस्लामिक जिहादियों ने किया नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण और बलात्कार, दो दिनों में चौथी घटना

    दिनांक 03-जून-2020   
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गुलाम कादिर शाह, दीदार तरवार, राशिद मटानी सहित छह कटृटरपंथियों ने पाकिस्तान स्थित सिंध प्रांत के मीरपुरखास जिले के दिलबर खान थाना क्षेत्र के गांव पीरबख्श जटवार से 13 वर्षीय नाबालिग हिन्दू लड़की का उसके घर से अपहरण कर लिया। हथियारबंद जिहादी घटना के दिन अचानक घर में घुस आए और बच्ची को उठा लिया। विरोध करने पर परिजनों की बेरहमी से पिटाई की
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पाकिस्तान में आखिर हो क्या रहा है ? फिर एक नाबालिग हिंदू बच्ची का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पिछले दो दिनों में इस तरह की यह चौथी घटना है। इन तमाम मामलों में पीड़ित परिवारों के थाने में रपट लिखाने और अधिकारियों के दरवाजे पर माथा पीटने के बावजूद दोषियों के खिलाफ अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही अपह्रत लड़कियों का पता चला है। पाकिस्तान में निरंतर घट रही ऐसी घटना को लेकर अब दूसरे देशों के हस्तक्षेप का समय आ गया है। ऐसा नहीं होने से यहां हिंदुओं को लेकर स्थिति बिगड़ सकती है।

हिंदू लड़कियों के अपहरण, बलात्कार और कन्वर्जन की घटनाओं में मजहबी गुंडों, कट्टरपथियोंया फिर राजनीतिक रसूख वालों का हाथ होता है। इसलिए ये बेगैर बाहरी हस्तक्षेप के काबू में नहीं आ सकते। ताजे मामले में नामजद गुलाम कादिर शाह, दीदार तरवार, राशिद मटानी सहित छह लोग राजनीतिक पहुंच वाले बताए गए हैं। आरोपियों ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुरखास जिले के दिलबर खान थाना क्षेत्र के गांव पीरबख्श जटवार से गूरो भेल की 13 वर्षीय पुत्री का उसके घर से अपहरण कर लिया। हथियारबंद जिहादी घटना वाले दिन अचानक घर में घुस आए और नाबालिग बच्ची को उठा लिया। विरोध करने पर उसके परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस मामले में स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बावजूद इसके अब तक न तो आरोपी गिरफ्त में आए हैं और न ही लड़की को ढूंढ निकाला गया हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लड़की का अपहरण करने के बाद जिहादी उसे पास के जंगल में ले गए और उसके संग सामूहिक बलात्कार किया। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने आशंका जताई है कि अपहृत नाबालिग हिंदू लड़की से को इस्लाम में कन्वर्ट करने के बाद उसे निकाह के बहाने किसी को उंची कीमत पर बेच दिया जाएगा। अक्सर ऐसे मामलों में यही होता आया है।
 
इस घटना से ठीक चौबीस घंटे पहले तीन हिंदू लड़कियों का कन्वर्जन करने की नियत से अपहरण कर लिया गया था। उनके मां-बाप अपनी पुत्रियों की बरामदगी के लिए अभी भी भटक रहे हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुरखास से एक जून को दो हिंदू लड़कियों का कन्वर्जन करने के लिए अपहरण कर लिया गया। इनमें से एक लड़की गांव हाजी सईद बरगाड़ी की है। अपहृत लड़की का नाम भगवंती कोहली है। इसके पिता और रिश्तेदारों ने पुलिस प्रशासन की बेरूखी देखकर पाकिस्तान के आम नागरिकों से बेटी को वापस कराने की गुहार लगाई है।

बताते हैं कि एक जून को सशस्त्र जिहादियों ने इसका अपहरण कर लिया था। भगवंती कोहली पहले से शादीशुदा है। अपहरण के बाद उसका कन्वर्जन करा दिया गया है। मीरपुरखास से ही पंद्रह वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की (बदला हुआ नाम) सुनतारा पुत्री रायसिंह कोहली का भी अपहरण कर लिया गया। वह ग्राम रईस नेहाल खान जमाली की रहने वाली है। इस मामले में उसके अभिभावकों ने पुलिस थाना शेख भिरक्यो, टांडो मुहम्मद खान में मामला दर्ज कराया है। इसका अपहरण करने वाले कट्टरपंथी बताए जाते हैं। उन्होंने घर पर धावा बोलकर लड़की को उठा लिया।

पिछले चौबीस घंटे में सिंध के खैरपुर से भी एक बारह वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की का मजहबी गुंडों ने अपहरण कर लिया और उसका यौन शोषण किया गया। इस घटना के बाद से लड़की की मां का रो-रो के बुरा हाल है। इन घटनाओं के विरोध में सिंध प्रांत में कई जगह प्रदर्शन हो चुके हैं। मगर प्रशासन की ओर से हिंदू बच्चियों को मजहबी गुंडों के चंगुल से छुड़ाने की कोई कोशिश नहीं की गई है। ऐसे मामलों में पाकिस्तानी मीडिया का रवैया भी बेहद संदिग्ध है। इसे समाचार पत्र या टीवी में स्थान नहीं दिया जाता। पाकिस्तान के आम मुसलमान भी हिंदुओं पर हो रही ज्यादतियों पर ध्यान नहीं देते। इस देश में सुन्नी मुसलमानों की संख्या करीब 78 प्रतिशत है। उसके बाद शियाओं की यहां दूसरी बड़ी आबादी है। हिंदू, सिख, ईसाई, अहमदिया यहां अल्पसंख्यक हैं, जिनकी स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने हाल में वार्षिक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें जानकारी दी गई है कि हाल के दिनों में यहां के अल्पसंख्यकों के प्रति ज्यादती की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है।