पाकिस्तान पंजाब में फैलाना चाह रहा था कोरोना, मंसूबा हुआ नाकाम

    दिनांक 30-जून-2020   
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करतारपुर गलियारा खोलने के बहाने पंजाब में कोरोना फैलाने का पाकिस्तानी मंसूबा भारत ने नाकाम कर दिया, दरअसल पाकिस्तान महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के बहाने करतारपुर ​गलियारा खोलना चाह रहा था जिसे विदेश मंत्रालय ने ठुकरा दिया है

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महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के बहाने पंजाब में कोरोना की समस्या बढ़ाने की पाकिस्तान के मंसूबे को भारत ने निरस्त कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इमरान खान सरकार के 29 जून से करतारपुर गलियारा खोलने के प्रस्ताव को ठुकरा हुए दलील दी है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए फिल्हाल संभव नहीं। अभी ‘क्रॉस बार्डर’ यात्रा प्रतिबंधित है, इसलिए गलियारा नहीं खोला जा सकता।
कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत- पाकिस्तान की सहमति से करतारपुर कॉरिडोर 16 मार्च से अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था। पाकिस्तान का करतारपुर सिख पंथ के मानने वालों के लिए महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। वैसे ही जैसे हिंदुओं के लिए काशी और मुसलमानों के लिए मक्का। इस जगह सिखों के प्रथम गुरू गुरूनानक देव महाराज ने अपने जीवन के बहुमूल्य 18 वर्ष बिताए थे।
पहले करतारपुर तक पहुंचने के लिए भारत के सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। इसमें समय और धन की बर्बादी होती थी। इसलिए सिख मतावलंबी लंबे समय से भारत-सीमा के करीब स्थित करतारपुर गुरूद्वारे तक गलियारा बनाने की मांग कर रहे थे। दोनों देशों की सरकार की पहल पर इसका निर्माण कर पिछले वर्ष बाबा गुरूनानक की 550 वीं जयंती पर 9 नवंबर को खोल दिया गया। गलियारा खुलने से अब वीजा का झनझट भी नहीं रहा। करतारपुर गुरूद्वारे तक भारत के श्रद्धालु बड़ी आसानी से पहुंच जाते हैं। पाकिस्तान हर श्रद्धालु से तकरीबन 1,500 रूपये वसूलता है।
अब पाकिस्तान की सरकार चाहती है कि कॉरिडोर फिर से खोल दिया जाए, ताकि बंद पड़़ी कमाई चालू हो सके। पड़ोसी देश में कोरोना के अनियंत्रित होने से इमरान खान सरकार पर आर्थिक सहित चौतरफा मार पड़ी है। उसे लगता है कि करतारपुर खुलने पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं से होने वाली आमदनी से पाकिस्तान की आर्थिक समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। जबकि पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण नियंत्रण से बाहर हो चुका है। बीस करोड़ की आबादी वाले इस मुल्क में संक्रमितों की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तो संक्रमित 75 हजार तक पहुंच गए हैं। ऐसे में करतारपुर कॉरिडोर खोलने का अर्थ है भारत के पंजाब में संक्रमण फैलाना। अभी हमारे पंजाब में संक्रमितों की संख्या मात्र 5 हजार के करीब है, जिनमें 300 से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। क्रॉस बार्डर आवाजाही से निश्चित ही भारत के पंजाब में कोरोना संक्रमण के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाएगा। इस आशंका के मददेनजर भारत ने पाकिस्तान के 29 जून से कॉरिडोर खोलने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। अंग्रेजी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया की मानें तो विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को स्पष्ट किया है कि जब तक स्थिति नहीं संभलती तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच यात्रा नहीं शुरू होती, करतारपुर गलियार खोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। हालांकि, इस मामले में भारत को सिखों की नजरों में ’विलेन’ साबित करने के अभियान में भी पाकिस्तान जुट गया है।