पाकिस्तान में #SindhRejectsForcedConversions से जुड़कर इमरान सरकार पर बरसे लोग, खूब सुनाई जा रही खरी-खरी

    दिनांक 08-जून-2020   
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पाकिस्तान की हिंदू बच्चियों को अपहरण और कन्वर्जन से बचाने के लिए ट्वीटर पर #SindhRejectsForcedConversions अभियान क्या शुुरू किया गया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस संगीन अपराध को रोकने में अक्षम इमरान खान सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई जा रही है।
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पाकिस्तान की हिंदू बच्चियों को अपहरण और कन्वर्जन से बचाने के लिए ट्वीटर पर #SindhRejectsForcedConversions अभियान क्या शुुरू किया गया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस संगीन अपराध को रोकने में अक्षम इमरान खान सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई जा रही है। साथ ही कन्वर्जन को प्रतिबंधित करने को बने कानून को सख्ती से लागू करने, अल्पसंख्यकों को धार्मिक, सांस्कृति सहित तमाम तरह की सुरक्षा देकर सिंध प्रांत में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के मुददे पर उनकी घेराबंदी शुरू कर दी गई है।

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पाकिस्तान में सर्वाधिक संख्या में हिंदू सिंध प्रांत में रहते हैं। मगर कन्वर्जन और अन्य तरह की प्रताड़ना के चलते इनकी जनसंख्या निरंतर घट रही है। #SindhRejectsForcedConversions अभियान में भाग लेते हुए पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता मुकेश मेघवार अपने एक ट्वीट के जरिया कहते हैं कि बंटवारे से पहले सिंध प्रांत में हिंदुओं की जनख्या 28 प्रतिशत थी। अब यह घटकर मात्र 6.5 प्रतिशत ही रह गई है। सिंध के शहरी क्षेत्र में हिंदुओं की तादाद 9.77 और ग्रामीण क्षेत्र में 3.08 प्रतिशत है। पाकिस्तान के हिंदू समुदाय का कहना है कि उनके बच्चे एवं बच्चियों के अपहरण और कन्वर्जन से उनकी जनसंख्या बेतहाशा घटी है। विशेषकर उपरी सिंध में यह अपराध अधिक हो रहा है। इसे अंजाम देने के लिए तथाकथित सूफी संत के बाने में मिट्ठू मियां सरीखे कई मजहबी गुंडे सक्रिय हैं। कानून की आंख में धूल झोंकने के लिए नाबालिक हिंदू बच्चियों को उनके घरों से जबरन उठा लिया जाता है। बाद में कन्वर्जन कर निकाह के नाम पर उन्हें किसी अधेढ़ को उंची कीमत पर बेच दिया जाता है। रमेश लाल हाल में अपह्रत महक कुमारी का हवाला देते हुए सवाल उठाते हैं कि प्रेम विवाह के बहाने नाबालिग लड़कियों को चार बच्चों के अब्बा के पल्लू से बांधना कतई उचित नहीं। डॉक्टर गौरव माहेश्वरी ने #SindhRejectsForcedConversions अभियान में भाग लेते हुए अपने ट्वीटर हैंडल पर ऐसी पचास हिंदू लड़कियों की सूची जारी की है, जिनका हाल में अपहरण के बाद कन्वर्जन किया गया।

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कोरोना काल में पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के जबरन कन्वर्जन का मामला कुछ अधिक बढ़ गया है। इससे परेशान होकर पाकिस्तान के हिंदुओं ने सोशल मीडिया पर 6 जून से #SindhRejectsForcedConversions अभियान शुरू किया है। अभियान से पहले इसके संयोजक धनजी कोलही ने तमाम पाकिस्तानियों सेइसे अधिक से अधिक ट्रोल करने की अपील की थी ताकि इसकी सफलता के आधार पर आंदोलन को आगे व्यापक रूप दिया जा सके।

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लोगों से #SindhRejectsForcedConversions में भाग लेते समय इससे संबंधित तस्वीरें, रेखा चित्र, जीआईएफ साझा करने की अपील की गई थी। इसका असर यह हुआ कि #SindhRejectsForcedConversions को ट्रोल कराने वाले हजारों लोगों ने कई दिलचस्प तस्वीरें, रेखा चित्र, संदेश साझा किए हैं। कराची की ज्वाला राठी ने इमरान खान सरकार से संसद में कन्वर्जन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बिल लाने, पाठयक्रमों से हिंदुओं के प्रति वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री हटाने, कन्वर्जन के विरूद्ध मेनस्ट्रीम मीडिया के सक्रिय रूप से भाग लेने और कन्वर्जन की शिकार बच्चियों और उनके अभिभावकों को हरसंभव सहायता देने एवं उन्हें महीने में कम से कम एक बार अपने माता-पिता से मिलने की अनुमति देने की मांग उठाई है। फैसलाबाद के सुनील मलिक ने ऐसे मामलों की जांच कराकर ठोस कार्रवाई करने और कन्वर्जन रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने का मुद्दा उठाया है।

सोशल मीडिया पर दिखी लोगों की चिंता


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हिंदू बच्चियों के अपहरण और कन्वर्जन की बढ़ती घटनाओं के प्रति कई लोगों ने गहरी चिंता प्रकट की हैै। कराची के अमित कुमार ट्वीट करते हैं कि मजहब से अधिक महत्वपूर्ण इंसानियत है। यह संदेश सिंध की मिटृटी में रचा-बसा है। इसके बावजूद इसे बदनाम करने की कोशिश हो रही है। डॉक्टर कविता खत्री ने अपहरण और कन्वर्जन की शिकार लड़कियों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि दूसरे धर्मों का भी सम्मान करें। आसमां ने पाकिस्तान के लोगों से इस बुराई के प्रति चुप्पी तोड़ने का आहवान किया है। संदेश बतरा ने हिंदू लड़कियों के अपहरण और कन्वर्जन में शामिल मजहबी गुंडों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि उन्होंने हमारे खुशहाल परिवार को नष्ट कर दिया। हम पीड़ितों को न्याय दिलाने में असफल हैं। सिंध कभी शांति के लिए जाना जाता था। अब कन्वर्जन करने वाले उनकी बेटियों का अपहरण और उन्हें मार रहे हैं।

मुस्लिम लड़कियों का मिला भरपूर समर्थन

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#SindhRejectsForcedConversions अभियान में केवल हिंदू वर्ग ही हिस्सा ले रहा, ऐसा नहीं है। पाकिस्तान की युवा पीढ़ी भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। विशेषकर मुस्लिम लड़कियां हिंदू लड़कियों के अपहरण और कन्वर्जन के खिलाफ सोशल मीडिया पर खुलकर बरस रही हैं। फैका लाखो ने हिंदू छात्र-छात्राओं के साथ होली खेलने की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया है कि यही देश की सांझी संस्कृति और विरासत है। सना फारूख ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की है। टीवी होस्ट और शिक्षाविद शहनाज सिद्दीकी ने कन्वर्जन के मुददे पर जल्द ही सिंध में इसके खिलाफ सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता खालिद हुसैनी कोटी का साक्षात्कार ट्वीटर पर जारी करने का ऐलान किया है। पंजाब प्रांत की खदीजा अब्बास, मारवी लतीफ और पत्रकार नायला इनायत ने भी कन्वर्जन को लेकर अपने गुस्से का इजहार किया है। नायला इनायत ने अपने ट्वीटर हैंडल पर संदेश के साथ कन्वर्जन की शिकार कई हिंदू लड़कियों की तस्वीरें साझा की हैं। दानिश ने इमरान खान का एक कार्टून पोस्ट करते हुए ट्वीटर किया है कि आप भाषणों में तो कन्वर्जन के खिलाफ खूब बोलते हैं, पर जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो चुप्पी साध जाते हैं। कराची के कानून के छात्र मुबस्सिर अली कहते हैं कि आम तौर से देखा गया है कि जब ऐसे मामले कोर्ट में आते हैं तो लड़की पक्ष से मात्र चार-पांच लोग होते हैं, जबकि अपहरणकर्ताओं की ओर से सैकड़ों हथियारबंद डराने के लिए मौजूद होते हैं। ऐसे मेें कोई उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़े तो कैसे ? इस अभियान को लेकर अब तक सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।