यूपी में सीएए और एनआरसी के विरोध में सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति कुर्क होना शुरू हो गई हैं

    दिनांक 01-जुलाई-2020
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संपत्ति कुर्क करते प्रशासनिक अधिकारी।
 उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ रिकवरी और कुर्की की कार्रवाई शुरू हो गई है. कुछ दिनों पहले लखनऊ में दो आरोपियों को सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई करने के लिए नोटिस दी गई थी मगर उन लोगों ने समय अवधि बीत जाने के बाद भी धनराशि सरकारी खजाने में जमा नहीं कराई. इसके बाद बीते मंगलवार को जिला प्रशासन ने उन दोनों आरोपियों की संपत्ति को कुर्क कर लिया.
बता दें कि लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन में माह- ए-नूर चौधरी और धर्मवीर सिंह को रिकवरी की नोटिस दी गई थी मगर नुकसान की भरपाई ना करने की दशा में माह - ए - नूर चौधरी की दुकान की कुर्की की गई और धर्मवीर सिंह का फैशन सेंटर भी कुर्क कर लिया गया. गत वर्ष दिसंबर माह में लखनऊ में सीएए और एनआरसी के विरोध में जो हिंसा की गई थी. उसमें कई उपद्रवियों को चिन्हित किया गया था. उसके बाद से ही उन लोगों को रिकवरी की नोटिस भेजी जा रही है. कुछ लोगों की तरफ से नुकसान की भरपाई कर दी गई है. जिन लोगों ने समय अवधि बीत जाने के बाद भी रिकवरी की रकम नहीं जमा की है. उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है. चिन्हित किये गये 54 उपद्रवी और हैं जिनसे रिकवरी होनी है. लखनऊ जिला प्रशासन को 1 करोड़ 55 लाख रूपये अभी और वसूलने हैं