दिल्ली दंगा: अवैध पैसे से दिल्ली में कराए गए थे दंगे

    दिनांक 01-जुलाई-2020   
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दिल्ली के दंगों में उन लोगों ने मुख्य भूमिका निभाई है, जिन्होंने अवैध रूप से पैसा कमाया है। फैजल फारुख, ताहिर हुसैन और मौलाना साद ऐसे ही लोग हैं। इन लोगों ने कभी ठगी, तो कभी मजहब के नाम पर आम आदमी से पैसा लिया और अपने लिए साम्राज्य खड़ा किया। चूंकि पैसा अवैध का है, इसलिए इन लोगों ने उस पैसे से दंगा भड़काने में तनिक भी संकोच नहीं किया
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इनके पैसे से दिल्ली में कराए गए दंगे ताहिर हुसैन, फैजल फारुख और मौलाना साद।
कहा जाता है कि पैसा मेहनत का नहीं होता है, तो उसे बिना सोचे—समझे कहीं भी खर्च कर दिया जाता है या यह भी कह सकते हैं कि लुटा दिया जाता है। इस साल फरवरी में उत्तर—पूर्व दिल्ली में हुए दंगों में इसी तरह के अवैध पैसे को लुटाकर इसके साजिशकर्ताओं ने हिंदुओं को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। चाहे तब्लीगी जमात का मौलाना साद हो, या दंगे के दो मुख्य आरोपी फैजल फारुख या ताहिर हुसैन हों, ये तीनों बहुत जल्दी हेराफेरी से अमीर बने। अब पता चल रहा है कि दिल्ली के दंगों में इन तीनों ने जमकर पैसा लुटाया।
एक खबर के अनुसार तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद और फैजल फारुख के बीच गहरे रिश्तेे हैं। फैजल दिल्ली के शिव विहार के उस राजधानी पब्लिक स्कूल का मालिक है, जिसकी छत से दंगाइयों ने हिंदुओं पर गोली और पत्थर चलाए थे। जांच से पता चला है कि फैजल ने बाहर से दंगाइयों को बुलाकर अपना स्कूल उनके हवाले कर दिया था, ताकि हिंदुओं को उसकी छत से आसानी से निशाना बनाया जा सके। अब यह भी जानकारी मिल रही है कि इस स्कूल में मौलाना साद का पैसा लगा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जाकिर नगर के मोहम्मद अलीम के जरिए फैजल तब्लीगी जमात और उसके अमीर साद के संपर्क में आया था। अलीम साद का रिश्तेदार है और निजामुद्दीन स्थित मरकज का प्रबंधन भी वही देखता है। कहा जा रहा है कि अलीम ने ही साद को फैजल के स्कूल में निवेश करने के लिए तैयार किया था। इसके बाद साद ने फैजल के स्कूल में निवेश करने का फैसला लिया। यह भी बात आई है कि दंगे के दौरान फैजल और साद के बीच अनेक बार बात हुई थी। इसका मतलब है कि फैजल हर बात की जानकारी साद को दे रहा था।
कहा जा रहा है कि फैजल तीन स्कूलों का मालिक है। ये स्कूल हैं सीलमपुर स्थित क्राउन पब्लिक स्कूल, शिव विहार का राजधानी पब्लिक स्कूल और वजीराबाद रोड स्थित विक्टोरिया पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल। इन तीनों में साद का पैसा लगा है। फैजल के बारे में यह कहा जा रहा है कि वह बहुत कम समय में करोड़ों रु की संपत्ति का मालिक बना है।
फैजल ने 2014 में यमुना विहार में लगभग छह करोड़ रु में एक घर खरीदा था, जिसका नंबर है— सी—1/9 । इसके बाद 2017 में उसने यमुना विहार में ही करीब 7.5 करोड़ रु में एक और घर खरीदा। उसका नंबर है सी-3/59ए। 2018 और 2019 में यमुना विहार में ही 2 दुकानें 10 करोड़ में खरीदीं और 2020 में यमुना विहार में बी-1/1 की संपत्ति लगभग 10 करोड़ में खरीदी।
ऐसे ही उत्तर प्रदेश के अमरोहा से दो दशक पहले मजदूरी करने के लिए दिल्ली आया ताहिर हुसैन भी बहुत जल्दी 18 करोड़ रु की संपत्ति बना बैठा है। जबकि मौलाना साद ने मजहब के नाम पर दुनियाभर से करोड़ों रु का चंदा लिया है। कहा जा रहा है कि वह अब 20 हजार करोड़ रु का मालिक है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली में उसकी अनेक संपत्तियां हैं। अब जांच चल रही है और उम्मीद है कि इन तीनों की असलियत जल्दी ही देश के सामने आ जाएगी।