सविता का अपहरण कर कई दिनों तक आबरू से खेलते रहे मजहबी दरिंदे

    दिनांक 13-जुलाई-2020   
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गत दिनों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संघर से सविता नामक एक हिंदू लड़की का मजहबी जिहादियों ने अपहरण कर लिया। उसके बाद वे उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते रहे। फिर उसका बलात हिंदू से इस्लाम में कन्वर्जन करा दिया गया।
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इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर के सवाल पर पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के अधिकारों के चर्चा के बीच फिर एक हिंदू लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और कन्वर्जन किया गया। यही नहीं घटना में संलिप्त जिहादी लड़की के परिवार वालों को इस्लाम नहीं कबूलने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।
 
गत दिनों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संघर से सविता नामक एक हिंदू लड़की का मजहबी गुंडों ने अपहरण कर लिया। उसके बाद वे उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते रहे। फिर उसका बलात हिंदू से इस्लाम में कन्वर्जन करा दिया गया। इतना कुछ सहने के दौरान लड़की मौका देख किसी तरह भागकर अपने घर आ गई। इसके बावजूद जिहादी उसका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। उसके परिवार वालों को बार-बार लड़की को सौंपने और उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने के लिए डराया, धमकाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर हत्या की धमकी दी जा रही है।

 पाकिस्तान में निरंतर होने वाली ऐसी घटनाओं से केवल इस देश की ही नहीं दुनिया की तमाम हिंदू बिरादरी बेहद दुखी और गुस्से में है। इस पर अनिता रजोरिया ने ट्वीट किया है कि इससे अच्छा है कि पाकिस्तान ही छोड़ दिया जाए। इसी तरह हरगोविंद कहते हैं कि अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान नर्क बन चुका है। हसन परवेज ट्वीट कर कहते हैं कि पाकिस्तान की सिंध सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
 
पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ ऐसी घटनाओं ने तब जोर पकड़ा हुआ है, जब इसकी राजधानी इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर के निर्माण को लेकर अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर गहन चर्चा चल रही है। मंदिर विरोधी कट्टरवादियों ने जहां इसकी निर्माणाधीन चारदीवारी ढहा दी, वहीं मंदिर निर्माण के समर्थन में आंदोलन भी शुरू हो गया है। पिछले दिनों इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने इस मुददे पर लोग इकटृठा हुए और प्रदर्शन किया।

 पाकिस्तान का हिंदू वर्ग चाहता है कि इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर बने। इसके लिए देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के उस बयान और संविधान का हवाला दिया जा रहा है जिसमें अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी की बात कही गई है। इस्लामाबाद हिंदू पंचायत के अध्यक्ष प्रितम दास कहते हैं कि उनका भी पाकिस्तान पर उतना ही हक है जितना मुसलमानों का। मानवाधिकार मामलों के संसदीय सचिव एवं इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेशनल एसेंबली के सदस्य लालचंद मल्ही ने भी केंद्र एवं सिंध सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।