पाकिस्तान: ‘हराम के घर’ में रहने वालों के लिए इमरान सरकार का भ्रष्टाचारियों को बड़ा ऑफर

    दिनांक 15-जुलाई-2020   
Total Views |
सकता है। इस फैसले के मुताबिक, देश के कालाबाजारियों को  दिसंबर के अंत तक अपना काला धन निर्माण क्षेत्र में लगा कर उसे सफेद करने का खुला ऑफर दिया गया है। यह वही इमरान खान हैं जो सत्ता में आने से पहले कालाबाजारियों को जेल में डालने की बात करते थे।

im_1  H x W: 0



पाकिस्तान की आर्थिक दशा किस हद तक खराब है, इसका अंदाजा इमरान खान सरकार के एक ताजा निर्णय से समझा जा सकता है। इस फैसले के मुताबिक, देश के कालाबाजारियों को  दिसंबर के अंत तक अपना काला धन निर्माण क्षेत्र में लगा कर उसे सफेद करने का खुला ऑफर दिया गया है। यह वही इमरान खान हैं जो सत्ता में आने से पहले कालाबाजारियों को जेल में डालने की बात करते थे। इस आरोप के तहत ही उनकी सरकार ने तमाम विपक्षी दलों के बड़े लीडरों को जेल में डाल रखा है।

 भ्रष्टाचार के आरोप में इस समय पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के आसिफ अली जरदारी, मुस्लिम लीगन-एन के मियां नवाज शरीफ, उनकी पुत्री मरियम सहित करीब सौ बड़े नेताओं पर इमरान खान ने भ्रष्टाचार और कालाधन रखने के आरोप में कई-कई मुकदमे ठोक रखे हैं। यदि सरकार का काले को सफेद करने का यही फार्मूला है तो यह ऑफर उसे विपक्षी दलों के नेताओं को भी देना चाहिए था। इसका लाभ उठाकर कम से कम केस-मुकदमा से मुक्त तो रहते।

  बहरहाल, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री सीनेटर शिबली फराज ने भ्रष्टाचारियों को 31 दिसंबर तक निर्माण क्षेत्र में खुले तौर पर पूंजी निवेश के ऑफर दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण के क्षेत्र में काला धन लगाने पर उसे सफेद माना जाएगा। यह ऐलान एक प्रेस वार्ता में किया गया, जिसमें इमरान खान के ड्रीम प्रोजेक्टर ‘ नया पाकिस्तान हाउसिंग ऑथारिटी के चीफ ले. ज. अनवर अली हुसैन भी मौजूद थे। इमरान खान ने सत्ता संभालते समय देश के सभी घरविहीनों को घर देने का सपना दिखाया था। सरकार के शुरुआती दौर में इस पर कुछ काम भी हुए। कई बड़े शहरों में स्थान का चयन कर निर्माण भी शुरू कराया गया। चूंकि पाकिस्तान आर्थिक तंगी से बुरी तरह घिरा है और सरकार चलाने के लिए इसके प्रधानमंत्री इमरान खान को आर्थिक मदद की खातिर कटोरा लेकर मुल्क-दर-मुल्क घूमना पड़ रहा है। ऐसे में उनके लिए अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करना अब असंभव सा हो गया है। आतंकियों को फंडिंग करने और भ्रष्टाचार का आरोप होने के कारण पाकिस्तान पर इस समय कई तरह की आर्थिक बंदिशें लगी हैं। ऐसे में सरकार ने अपने प्रोजेक्ट को बढ़ाने के लिए देश के भ्रष्टाचारियों और कालाबाजारियों को नया ऑफर दिया है। इमरान चाहते हैं कि अगले चुनाव में जाने से पहले उनका ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार हो जाए।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री सीनेटर शिबली फराज कहते हैं कि देश ने विभिन्न विदेशी संगठनों से जो कर्ज लिए हैं, उसके नियम-शर्तें 31 दिसंबर के बाद लागू होंगे, इससे पहले कालाबाजारी अपने धन को सफेद कर सकते हैं।

निर्माण क्षेत्र में काले धन के निवेश के लिए एक राष्ट्रीय-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। निवेश करने वालों से कमेटी आय का स्रोत नहीं पूछेगी। कमेटी के अध्यक्ष जनरल हैदर बनाए गए हैं। यानी पाकिस्तान की सरकार ने अपने देश वासियों के लिए ‘हराम के पैसे’ से निर्मित घर में रहने की पूरी व्यवस्था कर दी है। हालांकि इस्लाम में ऐसे पैसे के उपयोग की सख्त मनाही है। मंत्री कहते हैं कि निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई कमेटी नेशनल कमांड एंड ऑपरेशंस सेंटर  की तर्ज पर काम करेगी। पाकिस्तान में इस तरह की कमेटी कोराना संक्रमण से निपटने के लिए बनाई गई है। मंत्री शिबली फराज का कहना है कि कीफायती आवास देश के लिए बड़ी समस्या है। बैंक आमतौर पर निर्माण उद्योग को पैसे नहीं देते। निर्माण उद्योग की देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह नई स्कीम लाई है। भ्रष्टाचारियों से सरकार के पैकेज का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया गया है। सरकार के नया पाकिस्तान हाउसिंग स्कीम के तहत पांच मंजिला घर खरीदार वालों को 300000 रुपये की छूट दी जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल अनवर अली हैदर कहते हैं कि सरकार ने आयकर अध्यादेश की धारा 111 के तहत 90 प्रतिशत कर समाप्त कर दिया था। इस वर्ष 31 दिसंबर तक अस्पष्ट आय वाले लोगों को छूट दी गई है। साथ ही प्रांतीय करों में भी कमी की गई है।