प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी कान्ति प्रसाद को अनस कुरैशी नाम के गुंडे ने जिहादियों के साथ मिलकर पीट-पीट कर मार डाला

    दिनांक 16-जुलाई-2020
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अजय मित्तल
 
13 जुलाई को मेरठ स्थित भावनगर ग्राम के प्राचीन शिव मंदिर के प्रबंधक-पुजारी कान्ति प्रसाद को अनस कुरैशी नाम के गुंडे ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीट-पीट कर मार डाला। उसके बाद वह मृतक के पुत्र पर समझौते का दबाव बना रहा है। उसने इस उद्देश्य से बेटे के घर में घुसकर उसकी कनपटी पर पिस्तौल रख दी। पुत्र आदेश ने पुलिस को दी तहरीर में  अनस के अलावा उसके पिता निजाम कुरैशी, अब्बास कुरैशी, हाम्सीब कुरैशी और बाबर को  नामजद  किया है।

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मेरठ महानगर से लगभग 18 किलोमीटर दूर परीक्षितगढ़ मार्ग पर स्थित है मुस्लिम-बहुल भावनपुर ग्राम। 13 जुलाई को यहाँ के प्राचीन  शिव मंदिर के प्रबंधक-पुजारी कान्ति प्रसाद को अनस कुरैशी नाम के गुंडे ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीट-पीट कर मार डाला। उसके बाद वह मृतक के पुत्र पर समझौते का दबाव बना रहा है। उसने इस उद्देश्य से बेटे के घर में घुसकर उसकी कनपटी पर पिस्तौल रख दी। पुत्र आदेश ने पुलिस को दी तहरीर में  अनस के अलावा उसके पिता निजाम कुरैशी, अब्बास कुरैशी, हाम्सीब कुरैशी और बाबर को  नामजद  किया है। यहाँ के हिन्दुओं का कहना है कि असली सरगना नदीम मेवाती नाम का हिस्ट्रीशीटर है। उसके उकसावे और बढ़ावा देने के कारण मुस्लिम उग्र होकर आये दिन हिन्दुओं के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार करते रहते हैं। हिन्दू यहाँ दोयम दर्जे के नागरिक के समान भयभीत जीवन जीने को मजबूर हैं।

घटनाक्रम के अनुसार मंदिर के प्रबंधक-पुजारी कान्ति प्रसाद 13 जुलाई को लाल वस्त्र पर भगवा पटका पहने और माथे पर तिलक लगाए जा रहे थे, जब रास्ते में मिले अनस कुरैशी ने उनके वेश को देखकर अश्लील टिपण्णी कर दी। लगभग 55-वर्षीय कान्ति ने इसका विरोध किया। इस पर अनस उन्हें पीटा। उसके बाद मंदिर का कुछ काम निपटाकर वे अनस के घर उसकी शिकायत लेकर गए, जहां अनस ने उन्हें पुनः पकड़कर बुरी तरह मारापीटा। उनके स्वजन उन्हें पहले थाने और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले गए। उपचार के दौरान अगले दिन उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने थाने के सामने प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि कान्ति प्रसाद के परिवार को 25 लाख रुपये दिए जाएँ और नदीम मेवाती, जो यहाँ के समस्त फसादों की जड़ है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक (देहात) अविनाश पाण्डेय ने हिन्दू कार्यकर्ताओं को धमकाया तथा कुछ की पिटाई भी कर दी। उन्होंने भाजपा विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल और हिन्दू जागरण मंच के प्रान्त संगठन मंत्री गोपाल के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। जहाँ एक ओर अल्पसंख्यक के कारण डर के साए में जी रहे हिन्दुओं में विश्वास बहाली का कुछ यत्न पुलिस की ओर से किया जाना अपेक्षित था, वहीँ एसपी खुद हिन्दुओं को ही आतंकित करने में दिलचस्पी लेते नजर आये। गोपाल जी का कहना है कि एसपी अविनाश पाण्डेय ने आज तक हुई अनेक घटनाओं में सदा हिन्दू-विरोधी और मुस्लिमपरस्त रवैया प्रदर्शित किया है। अभी तक अनस गिरफ्तार किया गया है, उसके परिजन गाँव में हिन्दुओं को धमकाते घूम रहे हैं। नदीम मेवाती के खिलाफ भी एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गयी है, पर वह भी खुला घूम रहा है।