म्यांमार ने कहा आतंकियों की मदद कर चीन, दुनिया से मांगी मदद

    दिनांक 02-जुलाई-2020
Total Views |
 
mayamaar _1  H
चीन अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है, चीन से 14 देशों की सीमाएं लगती हैं सभी उससे परेशान हैं, चीन के खिलाफ अब म्यांमार ने जमकर भड़ास निकाली है। म्यांमार आर्मी चीफ ने तल्ख लहजे में चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि वह यहां के आतंकी समूहों को हथियार न दे। जनरल ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की भी मांग की।
दक्षिण पूर्व एशिया में चीन के सबसे करीबी सहयोगी म्यांमार ने आतंकवादी और विद्रोही समूहों को हथियार मुहैया कराने को लेकर बीजिंग पर उंगली उठाई है। इसके साथ ही म्यांमार ने आतंकी समूहों को दबाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांगा है। रूस द्वारा संचालित टीवी चैनल ज्वेज्दा को दिए हालिया इंटरव्यू में, म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि म्यांमार में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को 'मजबूत ताकतों' का समर्थन हासिल है और हम इनको खत्म करने के लिए अन्य देशों की मदद मांगते हैं।
म्यांमार के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल जॉ मिन टुन ने बाद में म्यांमार के सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ द्वारा की गई टिप्पणी को विस्तारपूर्वक बताया। प्रवक्ता ने कहा कि सेना प्रमुख अराकान आर्मी (एए) और अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) का जिक्र कर रहे थे, जो पश्चिमी म्यांमार में राखीन राज्य में सक्रिय आतंकवादी संगठन हैं।
म्यांमार में सक्रिय आतंकी संगठन सुरक्षाबलों पर हमला करने के लिए चीन के बने हथियारों का प्रयोग करते हैं। कहा जाता है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी म्यांमार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इन आतंकी समूहों को हथियार सप्लाई करवाती है। इन आतंकी समूहों के चीनी सेना के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं।