पाकिस्तान में निर्माण कार्य के दौरान मिली गौतम बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा तोड़ने के मामले में प्राथमिकी दर्ज, 4 आरोपी गिरफ्तार

    दिनांक 20-जुलाई-2020   
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 पिछले दिनों पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक निर्माण कार्य के दौरान गौतम बुद्ध की एक प्राचीन प्रतिमा मिली थी। लेकिन इस ऐतिहासिक मूर्ति को कट्टरपंथी मौलवी ने गैर इस्लामिक बताते हुये मजदूरों को तोड़ने के लिए उकसाया, जिसके बाद मजदूरों ने उस मूर्ति को तोड़ दिया।

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पिछले दिनों  थी। खबरों के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा स्थित मर्दन जिले के तख्त भाई क्षेत्र में  खुदाई कार्य के दौरान मजदूरों को गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा मिली। लेकिन इस ऐतिहासिक मूर्ति को कट्टरपंथी मौलवी ने गैर इस्लामिक बताते हुये मजदूरों को तोड़ने के लिए उकसाया, जिसके बाद मजदूरों ने उस मूर्ति को तोड़ दिया।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ। इसके वायरल होने के बाद पाकिस्तान पुलिस ने कार्रवाई करते हुये 4 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि कट्टरपंथी मौलवी के कहने पर उन्होंने मूर्ति को तोड़ा था। पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी जहिदुल्लाह ने कहा कि कंस्ट्रक्शन वर्कर्स पानी की लाइन खोद रहे थे। इस दौरान मजदूरों को ये प्रतिमा मिली। हमने इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर कमर जमन और उसके वर्कर्स अमजद, अलीम और सलीम को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी ने बताया कि मूर्ति के कुछ टूटे हुये हिस्से भी उनके पास से मिले हैं।
 
उल्लेखनीय है कि खैबर पख्तूनख्वा के मर्दन जिले के तख्त भाई इलाका गांधार सभ्यता के प्राचीन अवशेषों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। 1836 में इस इलाके में पहली बार खुदाई की गई थी, जिसमें मिट्टी, प्लास्टर और टेराकोटा से बने सैकड़ों अवशेष मिले थे। हालांकि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में ध्यान न देने के कारण यह प्राचीन स्थल बदहाली झेल रहा है। ईसा के 200 साल पहले इस क्षेत्र में बौद्ध मत बहुत लोकप्रिय था। माना जा रहा है कि यह मूर्ति भी उसी समय के आसपास की थी।