5 अगस्त को आएंगे, मन्दिर वहीं बनाएंगे

    दिनांक 20-जुलाई-2020   
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अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री रामजन्म भूमि का पूजन करेंगे. इसके बाद मंदिर निर्माण की
औपचारिक शुरुआत हो जायेगी.  इस अवसर पर प्रधानमंत्री  40 किलोग्राम की चांदी की शिला भी
भगवान श्री राम को समर्पित करेंगे.
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तीसरी धर्म संसद वर्ष 1989 में 29 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रयाग के महाकुम्भ में आयोजित की गई थी. उस धर्म संसद में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुआ था कि भारत के प्रत्येक ग्राम से पूजित एक - एक श्रीराम शिला मंगाई जाय. 6 करोड़ लोगों से संपर्क किया गया.  करीब पौने तीन लाख गावों से श्रीराम शिला पूजित होकर अयोध्या पहुंचीं. 9 नवम्बर 1989 को विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में निश्चित स्थान पर शिलान्यास कर दिया.

पांचवी धर्म संसद 30 और 31 अक्टूबर 1992 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी. इस पंचम धर्म संसद में यह निर्णय लिया गया कि 6 दिसम्बर 1992 की तिथि से अनवरत कारसेवा की जायेगी. सबसे ख़ास बात यह रही कि वर्षों पुराना विवादित ढांचा, कारसेवा के पहले ही दिन ध्वस्त हो गया.  इस अध्याय में अगली तारीख 5 अगस्त 2020 दर्ज होने जा रही है. इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,  श्रीराम जन्म भूमि का पूजन करेंगे.  प्रधानमंत्री लगभग 40 किलोग्राम चांदी की शिला भगवान श्री राम को समर्पित करेंगे.


जानकारी के अनुसार भूमि पूजन का कार्यक्रम 5 अगस्त को सुबह 8 बजे शुरू होगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूमि पूजन के कार्यक्रम में प्रातः  11 बजे से लेकर दिन में 1 बजे तक हिस्सा लेंगे.  कोरोना संक्रमण की वजह से इस कार्यक्रम में काफी सीमित लोगों को ही बुलाया जा रहा है

 उल्लेखनीय है कि  विगत 25 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  भगवान रामलला विराजमान को टेंट से उठाकर पूरे विधि-विधान से चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया.  इस सिंहासन के पृष्ठ पर सूर्य देव की आकृति बनाई गई. इसके साथ ही दो मोर की भी आकृति बनाई गई.