मरुधरा में सियासी भूचाल, नेतृत्व परिवर्तन पर अड़े कांग्रेस के बागी विधायक, सीबीआई की एंट्री बैन

    दिनांक 21-जुलाई-2020   
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राजस्थान में कांग्रेस कुनबे की फूट से मचे सियासी बवंडर ने प्रदेश की जनता को बेतहाशा मुश्किल में डाल दिया है। बिजली बिलों में बढ़ोतरी व फसलों को चौपट कर रही टिड्डियों से जूझ रहे किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर सरकार फाइव स्टार होटल में पिकनिक मना रही है। सरकार के मंत्री-विधायक फिल्में देखने व किचन शेफ से पकवान बनाने की ट्रेनिंग लेने में मशगूल हैं।

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राजस्थान में कांग्रेस कुनबे की फूट से मचे सियासी बवंडर ने प्रदेश की जनता को बेतहाशा मुश्किल में डाल दिया है। बिजली बिलों में बढ़ोतरी व फसलों को चौपट कर रही टिड्डियों से जूझ रहे किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर सरकार फाइव स्टार होटल में पिकनिक मना रही है। सरकार के मंत्री-विधायक फिल्में देखने व किचन शेफ से पकवान बनाने की ट्रेनिंग लेने में मशगूल हैं। वहीं सरकार बचाने के लिए विधायकों की जोड़—तोड़ के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यही नहीं शह-मात के इस खेल में प्रतिदिन करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन में बदहाली के आंसू बहा रही जनता की सुध लेने वाला कोई दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। एलएसी पर चीन के साथ सीमा विवाद पर प्रतिदिन वीडियो जारी कर मोदी सरकार को ज्ञान देने वाले कांग्रेस के कथित युवा नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में पार्टी के बिखराव के बावजूद चुप्पी साधे बैठा है। इस बीच खबरें यह भी हैं कि प्रियंका गांधी व दिग्विजय सिंह द्वारा सचिन पायलट को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पायलट समर्थक विधायक राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर अड़े हुए हैं।

दिनोंदिन रोचक हो रहे मरुधरा के सियासी संग्राम में गहलोत व पायलट के बीच जारी तनातनी अब व्यक्तिगत आरोपों पर आ टिकी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि निकम्मा-नकारा होने के बाद भी हमने कभी उनको (सचिन पायलट) को पीसीसी अध्यक्ष पद से हटाने की कोशिश नहीं की। गहलोत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सचिन पायलट कॉरपोरेट मंत्री रहे हैं। आज पूरा कॉरपोरेट उनको फंडिंग कर रहा है। इससे पूर्व कांग्रेस विधायक गिर्राजसिंह मलिंगा ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि मैं शिव मंदिर में हाथ लगाकर कह सकता हूं कि सचिन पायलट ने मुझे 35 करोड़ का प्रलोभन देने की पेशकश की थी। आरोपों के बाद पायलट ने जवाब देते हुए कहा कि गहलोत मेरी सामाजिक छवि धूमिल करने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। इससे मैं दु:खी हूं, लेकिन हैरान नहीं। आने वाले दिनों में मुझ पर ऐसे और भी गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। विधायक गिर्राज के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करूंगा।

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वहीं दूसरी ओर पायलट समर्थक कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए सचिन पायलट ने मेहनत की और अशोक गहलोत सीएम बन गए। पूर्व में भी परसराम मदेरणा व सीपी जोशी के साथ भी यही हुआ था। गहलोत ने पायलट के खिलाफ जो बयान दिया है वह बौखलाहट से भरा है। उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस से बर्खास्त विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है। यह किसी से छिपा नहीं है। परसों तक मैं कैबिनेट मंत्री था। अब मुझ पर एसीबी और एसओजी के केस लगा दिए। हमने पार्टी के खिलाफ कोई काम नहीं किया और न ही कर रहे हैं। केवल नेतृत्व बदलने की मांग की थी, जो अब भी कर रहे हैं। इससे साफ हो गया है कि पायलट समर्थक विधायक राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर अड़े हुए हैं।

इस बीच विधायकों की खरीद-फरोख्त के कथित ऑडियो टेप जारी करने का पेच भी गहलोत के गले में फंसता नजर आ रहा है। गहलोत सरकार पर फोन टेपिंग के आरोपों के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की, लेकिन अभी तक जवाब देते नहीं बन रहा। इसकी सीबीआई जांच के भय से गहलोत सरकार ने रातोंरात आदेश जारी कर राजस्थान में बिना सहमति सीबीआई की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे पायलट समर्थक विधायकों द्वारा लगाए गए आरोप सच साबित होते दिख रहे हैं। इस पर कटाक्ष करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि पहले कुछ विशेष मामलों में सीबीआई प्रदेश सरकार की पूर्वानुमति के बिना भी सीधे तौर पर जांच कर सकती थी, लेकिन 19 जुलाई को राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर अब सभी मामलों में राज्य सरकार की पूर्वानुमति अनिवार्य कर दी है। इससे स्पष्ट है कि दाल में कुछ काला है और मुख्यमंत्री ने कुछ छिपाने के लिये ऐसा फैसला लिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान के इस राजनीतिक ड्रामे में नायक और खलनायक दोनों कांग्रेस है, लेकिन वह तोहमत भाजपा पर लगाते हैं। यह कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी झगड़ा है जो अब सबके सामने आ चुका है। मुख्यमंत्री के अहंकार के कारण प्रदेश में कांग्रेस का बिखराब हुआ है।