श्रद्धांजलि: नहीं रहे लाल जी टंडन

    दिनांक 21-जुलाई-2020   
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मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का लखनऊ के मेदान्ता अस्पताल में मंगलवार की सुबह निधन हो गया. प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया. लाल जी टंडन ने 1962 में अपना राजनीतिक सफ़र शुरू किया था और आपात काल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहे थे.
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लाल जी टंडन बिहार या फिर मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे लेकिन लखनऊवासियों से कभी दूर नहीं रहे. 12 अप्रैल, 1935 को जन्मे लालजी टंडन ने लखनऊ के चौक, गली और मोहल्ले से ही राजनीति शुरू की थी. उन्होंने आम जन मानस की दिक्कतों को दूर करने के लिए संघर्ष किया और पार्षद चुने गए. वर्ष 1978-84 , 1990-96 , 1996-02, 2002-09 तक पांच बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे. वर्ष 1991 से 1992 में भाजपा की सरकार में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री रहे. वर्ष 1997 में नगर विकास एवं आवास विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे. 21 अगस्त, 2018 को बिहार के राज्यपाल नियुक्त किये गए और फिर 20 जुलाई, 2019 को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का दायित्व मिला.

 
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा, “ टंडन जी के साथ लंबे समय तक काम करने का अवसर प्राप्त हुआ. उनका लंबा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा में समर्पित रहा है और उन्होंने अपने काम से एक अलग छाप छोड़ी है. स्वभाव से बेहद मिलनसार टंडन जी कार्यकर्ताओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय थे. विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने जो विकास कार्य कराए उसकी सराहना आज भी लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोग करते हैं.” उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “ उनका निधन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए व्यक्तिगत क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है.