चीन के एजेंडे को आगे बढ़ने के लिए तत्पर ओली

    दिनांक 23-जुलाई-2020
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संजीव कुमार
 
अन्य दिनों की तरह 18 जुलाई की शाम थी। जितेंद्र कुमार सिंह अपने साथियों के साथ घास लेकर आ रहे थे। तब तक नेपाल आर्म्ड फ़ोर्स की गोलियां चलने लगीं। जितेंद्र के साथ 2 अन्य व्यक्तियों को भी गोली लगी। किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर गांव के समीप घटी इस घटना से अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को इलाज के लिए टेढ़ागाछ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजा गया। लेकिन जीवन और मौत से संघर्ष करते जितेंद्र अंततः यह लड़ाई हार गए।

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भारत और नेपाल में प्रदर्शन हो रहे हैं कि भारत और नेपाल का सदियों पुराना संबंध है। एक संस्कृति एक समाज है फिर नेपाल के सत्ता गलियारों में भारत के प्रति नफरत का माहौल क्यों ?जहां महादेव का डमरू बजता था, वहां के प्रधानमंत्री चीन के इशारों पर क्यों थिरक रहे हैं ? बिहार नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में क्यों नफरत का माहौल खड़ा किया जा रहा है ? नेपाल की सेना द्वारा बेवजह गोलियां बरसाई जा रही हैं।
 
अन्य दिनों की तरह 18 जुलाई की शाम थी। जितेंद्र कुमार सिंह अपने साथियों के साथ घास लेकर आ रहे थे। तब तक नेपाल आर्म्ड फ़ोर्स की गोलियां चलने लगीं। जितेंद्र के साथ 2 अन्य व्यक्तियों को भी गोली लगी। किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर गांव के समीप घटी इस घटना से अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को इलाज के लिए टेढ़ागाछ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजा गया। लेकिन जीवन और मौत से संघर्ष करते जितेंद्र अंततः यह लड़ाई हार गए। 21 जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई।

किशनगंज से सटे नेपाल बॉर्डर पिलर संख्या 152/151 के मध्य नो मेंस लैंड से सटे नेपाल सीमा क्षेत्र के समीप हुई इस घटना को लेकर 19 जुलाई की दोपहर एसएसबी कमांडेंट ललित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। कमांडेंट ने बताया कि फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों व नेपाल आ‌र्म्ड फोर्स के साथ बैठक भी हुई। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन के कमांडेंट ललित कुमार समेत तमाम अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। किशनगंज के एसपी कुमार आशीष ने कहा कि स्थानीय पुलिस व एसएसबी अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। नो मेंस लैंड इलाके में हुई इस घटना को लेकर पुलिस की नजर बनी हुई है। घटना स्थल पर भले ही माहौल शांत दिख रहा है लेकिन एसएसबी मामले की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट है। इसके पहले भी बिहार-नेपाल सीमा पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

इसके पहले 12 जून को सीतामढ़ी के सोनबरसा पुलिस स्टेशन के समीप भी नेपाल आर्म्ड फ़ोर्स की गोली चली थी। जिसमें विकेश राय की मृत्यु हो गई थी और कुछ लोग घायल हुए थे। यह क्रम लंबे समय से चल रहा है। 3 नवंबर, 2015 को भी मोतिहारी के रक्सौल निवासी आशीष कुमार राम की मृत्यु नेपाली सेना की गोली से हुई थी।

भारत और नेपाल के मध्य 1,850 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है। नेपाल को कभी भी भारत से अलग भारतीय नहीं मानते। इसी प्रकार नेपाली नागरिक भी भारत को अपना देश ही मानते हैं। नेपाल और भारत के लोगों के बीच रोटी और बेटी का संबंध है। नेपाल में कम्युनिस्ट शासन के पहले तक दोनों देशों के बीच सामान्य ढंग से लोग आते जाते थे। खेती, व्यवसाय या अन्य किसी भी काम के लिए कोई विशेष औपचारिकता नहीं करनी पड़ती थी। भारतीय लोगों की खेती नेपाल में भी है। अभी भी लोग खेती करने जाते हैं। लेकिन कम्युनिस्ट ओली सरकार के आने के बाद यह तल्खी बढ़ी है।