साफिया पड़ोसी से मामूली विवाद का हल ढूंढ रही थी, कांग्रेस और एमआईएम के नेताओं ने दिखाया दर्दनाक मौत का रास्ता

    दिनांक 23-जुलाई-2020   
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मामूली विवाद को हल कराने के लिए साफिया और उसकी बेटी गुड़िया कांग्रेस के कार्यालय पहुंची थीं। वहां नेताओं ने प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए उन दोनों को आत्मदाह के लिए उकसाया। 80 फीसदी से अधिक जल चुकी साफिया की बुधवार को मृत्यु हो गई

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उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए अमेठी जनपद के मामूली से विवाद को कांग्रेस और एमआईएम के दो नेताओं ने उकसाया। इन नेताओं ने  मां–बेटी को उकसाया कि अगर वह आत्मदाह का प्रयास करेंगी तो उनके मामले में बहुत जल्द कार्रवाई होगी। साफिया त्वरित कार्रवाई की बात सुनकर इन लोगों की बातों में आ गई। साफिया और उसकी–बेटी गुड़िया ने विगत 17 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने खुद को आग लगा ली। जब तक बचाने का प्रयास किया जाता तब तक साफिया 80 फीसदी से अधिक और उसकी बेटी गुड़िया 20 फीसदी से अधिक जल चुकी थी। उन्हें तत्काल लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  जहां बुधवार को साफिया की मृत्यु हो गई। इस घटना पर केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट करके कहा, “ अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं को ज़िंदा जलाने पर उतर आये हैं।” इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। 


घटना के बाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने खुलासा करते हुए बताया था, “ अमेठी में पड़ोसी से नाली का विवाद था। साफिया कांग्रेस के कार्यालय में गईं। जहां पर उन्हें आत्मदाह के लिए उकसाया गया। कांग्रेस कार्यालय में अनूप पटेल ने एक न्यूज़ चैनल के मीडियाकर्मी को फोन करके कवरेज करने के लिए कहा था। इस प्रकरण में एमआईएम के नेता कदीर खान की भी भूमिका है। कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल भेजा जा चुका है।

 
उल्लेखनीय है कि अमेठी के जामो थाना अंतर्गत साफिया और उसके पड़ोसी अर्जुन साहू के बीच नाली का विवाद चल रहा था। साफिया और उसकी बेटी गुड़िया की तरफ से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अर्जुन साहू के खिलाफ थाना जामो में एफआईआर दर्ज की गई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह की घटना के बाद थाना प्रभारी जामो एवं चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। आत्मदाह के बाद घटना स्थल पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की भी लापरवाही पाई गई। पुलिस कमिश्नर ने लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। 


घटना के बाद केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया और लिखा, “ जनता का पैसा लूटा। अब अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए महिलाओं को ज़िंदा जलाने पर उतर आये हैं। ऐसा केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि वे अमेठी में हार गए हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वे भाजपा के सामने टिक नहीं सकते। यह सब इसलिए है क्योंकि प्रिंसेस, गद्दी पर निशाना साधना चाहती हैं।”