पल-पल बदल रही सियासत: राजभवन से टकराव के बाद बैकफुट पर कांग्रेस

    दिनांक 28-जुलाई-2020   
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अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच शुरू हुए झगड़े से कांग्रेस सरकार का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। निर्दलीय व छोटे दलों के विधायकों से जोड़तोड़ कर सरकार बचाने के प्रयास तो किए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान 17 दिनों से गुरूग्राम में ठहरे बागी विधायकों की बात सुनने को तैयार नहीं है

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राजस्थान में दो सप्ताह पूर्व कांग्रेस पार्टी में शुरू हुआ सत्ता संघर्ष अब राजभवन से टकराव तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान ‘जनता राजभवन का घेराव करेगी तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी’ के बाद राज्यपाल कलराज मिश्र नाराज हैं। सीएम के बयान के बाद आग में घी का काम किया कांग्रेस विधायकों द्वारा राजभवन परिसर में केन्द्र सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी व धरना-प्रदर्शन ने। इसके बाद राज्यपाल ने सरकार द्वारा दो बार दी जा चुकी विधानसभा सत्र बुलाने की फाइल वापस लौटाकर कई बिन्दुओं पर जवाब मांगा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए राजस्थान में मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है।

यहां अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच शुरू हुए झगड़े से कांग्रेस सरकार का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। निर्दलीय व छोटे दलों के विधायकों से जोड़तोड़ कर सरकार बचाने के प्रयास तो किए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान 17 दिनों से गुरूग्राम में ठहरे बागी विधायकों की बात सुनने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर गहलोत भी पायलट को राजस्थान कांग्रेस की राजनीति से बाहर करना चाहते हैं। ऐसे में राजस्थान कांग्रेस में टूट तय मानी जा रही है।
आए दिन बदल रहे सियासी घटनाक्रम में बसपा ने गहलोत सरकार में शामिल हुए अपने 6 विधायकों को व्हिप जारी कर सरकार के खिलाफ वोट करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही विधायक मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ऐसे में यदि कोर्ट का निर्णय बसपा विधायकों के विलय के खिलाफ आता है तो गहलोत सरकार अल्पमत में आने के भय से कांग्रेस के पसीने छूट गए हैं। वहीं विधानसभा स्पीकर द्वारा सचिन पायलट गुट के 19 विधायकों को अयोग्य ठहराने के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर एसपीएल वापस ले ली है।

पल-पल बदल रहे राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात तो यह हुई कि देशभर में राजभवनों का घेराव कर रही कांग्रेस पार्टी राजस्थान में राजभवन घेराव करने से पीछे हट गई है। कांग्रेस के इस कदम को राज्यपाल की नाराजगी से जोडक़र देखा जा रहा है। गहलोत गुट के करीब एक सौ विधायक जयपुर की एक फाइव स्टार होटल में बाड़ाबंदी काट रहे हैं। ऐसे में सरकार बचाने के हथकंडों में फंसे गहलोत की जादूगरी के आगे जनता के मुद्दे बिल्कुल गौंण हो गए हैं। कोरोना से त्रस्त जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है तो विपक्षी पार्टी भाजपा अभी वेट ऐंड वॉच की स्थिति में नजर आ रही है।