योगी पर दंगे का मुकदमा चलाने की अनुमति मांगने वाला परवेज निकला दुष्कर्मी, मिली उम्रकैद

    दिनांक 29-जुलाई-2020
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गोरखपुर जनपद न्यायालय में अभियुक्त परवेज़ परवाज़ पर बलात्कार का आरोप सिद्ध हो गया. न्यायालय ने सश्रम आजीवन कारावास एवं 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई. ये वही परवेज़ परवाज है जिसने गोरखपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगे के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (उस समय सांसद) के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए याचिका दायर की थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दिया था.
परवेज़ परवाज़ के खिलाफ पीड़िता ने गोरखपुर जनपद के थाना राजघाट में एफ.आई.आर. दर्ज कराई थी कि “ वह अपने पति से अलग रहती है. वह झाड़-फूंक के लिए मगहर मजार जाती थी. वहीं पर उसे महमूद उर्फ जुम्मन बाबा मिले. जुम्मन ने कई दरगाहों पर झाड़ फूंक की. 3 जून 2018 को जुम्मन ने रात 10.30 बजे पांडेय हाता के पास दुआ करने के लिए बुलाया और एक सुनसान जगह पर ले गए. वहां जुम्मन और उसके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने बलात्कार किया. दूसरे व्यक्ति को जुम्मन, परवेज भाई कह कर बुला रहा था. घटना के बाद मैंने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस बुलाया.” एफ.आई.आर. दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही परवेज परवाज की पहचान हो गई थी. अभियुक्त जुम्मन बाबा एवं परवेज परवाज दो साल से जेल में बंद हैं.
उल्लेखनीय है कि परवेज परवाज एवं अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि योगी आदित्यनाथ ने 27 जनवरी 2007 को गोरखपुर रेलवे स्टेशन गेट के सामने भड़काऊ भाषण दिया इसके चलते गोरखपुर व आस-पास के जनपदों में हिंसा भड़की.