यूपी में फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 1427 शिक्षक

    दिनांक 07-जुलाई-2020   
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उत्तर प्रदेश के 24 जनपदों में 1427 शिक्षकों की नियुक्तियां फर्जी पाई गईं हैं. इनमें से 930 शिक्षकों
को बर्खास्त कर दिया गया है. एस.टी.एफ ने जांच में पाया कि इनमें से 497 शिक्षक ऐसे हैं जो इस
फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से शामिल थे

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यूपी में फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 1427 शिक्षकों का मामला प्रकाश में आया है. इन लोगों ने अभी तक सरकारी खजाने से 900 करोड़ रुपये वेतन के तौर पर आहरित किये हैं. अब सरकार सभी से धनराशि वसूलने के लिए नोटिस भेज रही है.


उत्तर प्रदेश के 24 जनपदों में 1427 शिक्षकों की नियुक्तियां फर्जी पाई गईं हैं. इनमें से 930 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है. एस.टी.एफ ने जांच में पाया कि इनमें से 497 शिक्षक ऐसे हैं जो इस फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से शामिल थे. सो, इन लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज की गई है. जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि  इन फर्जी शिक्षकों की कौन लोग मदद करते थे. फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल करने वाले शिक्षकों से वेतन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.


जानकारी के अनुसार, आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में बीएड की फर्जी डिग्री मिलने के बाद से ही एस.टी.एफ जांच में लगी थी. वहां पर एस.टी.एफ को बड़े पैमाने पर बीएड की फर्जी डिग्री मिली थी. जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि उन्हीं फर्जी डिग्री को लगा कर बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी हासिल की गई थी. फर्जी शिक्षकों का विवरण शिक्षा निदेशालय को प्राप्त हो चुका है. अब यह विवरण अपर मुख्य सचिव - बेसिक शिक्षा, रेणुका कुमार के कार्यालय में भेजा जाएगा. 

 इस फर्जीवाड़े के तहत शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक 900 करोड़ रूपये वेतन के रूप में आहरित कर चुके हैं. इनमें से अधिकतर एटा जनपद के मूल निवासी हैं. एटा जनपद से ही अनामिका शुक्ला का प्रकरण प्रकाश में आया था. जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों को नोटिस भेज दी गई है. एक सप्ताह के भीतर सरकारी खजाने में धनराशि जमा करने के लिए कहा गया है. निर्धारित समय अवधि के भीतर धनराशि जमा नहीं कराने की दशा में रिकवरी जारी की जाएगी।