मुंबई में आरोग्य उत्सव के रूप में मनाया जाएगा गणेशोत्सव

    दिनांक 07-जुलाई-2020   
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महाराष्ट्र में इस बार गणेश उत्सव पारंपरिक रूप से न मनाकर अलग तरीके से मनाया जाएगा। अधिककर पंडालों ने संकट के समय सामाजिक दायित्व का भान रखते हुए आरोग्य उत्सव मनाने का निर्णय लिया।


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लोकमान्य तिलक के नेतृत्व में गिरगांव के केशव जी नाइक चाल में मुंबई के पहले सार्वजनिक गणेशोत्सव का प्रारंभ हुआ था। समय के अनुसार मुंबई में सार्वजनिक गणेशोत्सव का रूप बदलता गया, भव्य होता गया। आज मुंबई के अनेक गणेशोत्सव मंडलों को गणेश पंडाल की सजावट के लिए, सामाजिक-सांस्कृतिक उपक्रमों के लिए विश्वभर में सराहा जाता है।

आषाढ़ की एकादशी के पश्चात् सब लोग गणेशोत्सव की राह देखते हैं। इस साल पूरे देश में कोरोना का कहर है। पिछले चार महीनों से सभी लॉकडाऊन में जीवन गुजार रहे है। ऐसी स्थिति में गणेशोत्सव केवल पारंपरिक पद्धति से मनाने के बदले उसे आरोग्य उत्सव के रूप में मनाया जाए, ऐसा निर्णय लालबाग चा राजा गणेशोत्सव मंडल ने लिया है। लालबाग की गणेश मूर्ति विश्वभर के गणेशभक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है। इस वर्ष गणेशमूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जाएगी। इस के बदले 11 दिन तक पंडाल में वैद्यकीय एवं सामाजिक उपक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

लालबाग चा राजा गणेशोत्सव मंडल द्वारा उत्सव काल में गणेश जी के पंडाल में रक्तदान एवं प्लाज्मा डोनेशन केंद्र चलाया जाएगा। दादर, परेल, लालबाग, चिंचपोकली में कोरोना के मरीज अधिक पाए गए हैं। कोरोना रुग्णों का उपचार करने वाला केइएम रुग्णालय इस परिसर में ही है। आज कोरोना संक्रमण के डर से नियमित रक्तदाता भी रक्तदान नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गयी है। मंडल द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी सुरक्षा के उपाय अपनाकर रक्त संकलन किया जाएगा और विभिन्न रुग्नालयों एवं ब्लड बैंक को दिया जाएगा।

लालबाग परिसर में अनेक रुग्ण कोरोनामुक्त हो चुके हैं। इन सभी व्यक्तियों से प्लाज्मा डोनेट करने का आह्वान किया गया है। इस आह्वान का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है। संस्था के सचिव सुधीर सालवी ने पारंपरिक उत्सव के बदले आरोग्य उत्सव मनाने की योजना सब के सामने रखी थी। इस के अलावा गलवान घाटी में हुतात्मा सैनिकों के परिवारीजनों का एवं कोरोना समस्या के दौरान सेवा देने वाले हुतात्मा पुलिस कर्मियों के परिवारीजनों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री सहायता निधि को निधि भी दी जाएगी।

मंडल के पूजा घर में जो चांदी की गणेशमूर्ति है, उसकी प्रतिष्ठा एवं पूजा गणेशोत्सव काल में की जाएगी। यह वर्ष जन आरोग्य वर्ष के नाम से घोषित किया गया है। गणेशोत्सव में रक्तदान, आरोग्य चिकित्सा, रुग्ण साहित्य केंद्र, सरकारी रुग्णालय को वैद्यकीय उपकरण और 101 कोविड योद्धाओं का सम्मान के उपक्रम आयोजित किए जाएंगे। केशव जी नाइक चाल गणेशोत्सव, मुंबई के सब से पहले गणेशोत्सव की यह 127वीं वर्षगाँठ है। इस वर्ष कोई भी सजावट किये बिना, एक छोटे से भवन में गणेश जी की स्थापना की जाएगी। निश्चित ही कोरोना संक्रमण की गंभीरता को ध्यान में रखकर मुंबई के गणेशोत्सव मंडलों द्वारा लिये निर्णय सराहनीय हैं।

लालबाग गणेशोत्सव मंडल के अध्यक्ष बालासाहेब काम्बले ने कहा कि आज देश संकट में है। ऐसे समय में पारंपरिक रूप से उत्सव मानाने के बदले सामाजिक दायित्व जानकर हमने आरोग्य उत्सव मानाने का निर्णय लिया। अगर और गणेशोत्सव मंडल भी ऐसा निर्णय लें तो वह राज्य की सभी व्यवस्थाओं को सहायक रहेगा।

चिंचपोकली चिंतामणि गणेशोत्सव मंडल इस वर्ष गणेशमूर्ति की प्रतिष्ठा नहीं करेगा। इस बारे में सचिव वासुदेव सावंत ने कहा, भले ही हम भव्य गणेशमूर्ति की स्थापना नहीं कर रहे, परंतु धार्मिक परंपरा कायम रखी जाएगी। मंडल के पूजा घर में जो चांदी की गणेशमूर्ति है, उसकी प्रतिष्ठा एवं पूजा गणेशोत्सव काल में की जाएगी। यह वर्ष जन आरोग्य वर्ष के नाम से घोषित किया गया है। गणेशोत्सव में रक्तदान, आरोग्य चिकित्सा, रुग्ण साहित्य केंद्र, सरकारी रुग्णालय को वैद्यकीय उपकरण और 101 कोविड योद्धाओं का सम्मान के उपक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि जीएसबी गणेशोत्सव मुंबई का प्रसिद्ध गणेशोत्सव है। वडाला के जीएसबी ट्रस्ट ने गणेशोत्सव माघ में मनाने का निर्णय लिया है। किंग्स सर्कल के जीएसबी ट्रस्ट पारंपरिक पद्धति से गणेशोत्सव मनाएगा, परन्तु झूलुस नहीं निकाला जाएगा। ट्रस्ट के परिसर में ही कृत्रिम जलाशय तैयार करके उस में गणेश जी का विसर्जन किया जाएगा। शासन द्वारा मान्य होने पर ही लोग गणेश जी का दर्शन ले पाएंगे, अन्यथा ऑनलाइन दर्शन की सुविधा दी गयी है। जीएसबी ट्रस्ट द्वारा पिछले तीन महीनों से कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है। बीएमसी के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस किचन द्वारा तक़रीबन आठ लाख भोजन पैकेट्स का वितरण किया गया है। ‘कोविड 19 संकटमुक्त आर्थिक सहकार’ इस शीर्षक के अंतर्गत आर्थिक मदद के लिए लोगों को आह्वान किया गया। इससे जमा राशि प्रधानमंत्री सहायता निधि और मुख्यमंत्री सहायता निधि में जमा की गयी।

केशव जी नाइक चाल गणेशोत्सव, मुंबई के सब से पहले गणेशोत्सव की यह 127वीं वर्षगाँठ है। इस वर्ष कोई भी सजावट किये बिना, एक छोटे से भवन में गणेश जी की स्थापना की जाएगी। निश्चित ही कोरोना संक्रमण की गंभीरता को ध्यान में रखकर मुंबई के गणेशोत्सव मंडलों द्वारा लिये निर्णय सराहनीय हैं।