पाकिस्तानः मोहम्मद नूम खान के नेतृत्व में मजहबी गुंडों ने गर्भवती हिंदू महिला को घर से उठाया, बलात्कार करने के बाद कन्वर्जन करने की दे रहे धमकी

    दिनांक 09-जुलाई-2020   
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन में हिंदू महिला भामी कोहली का उसके घर से अपहरण कर लिया गया। वह पांच माह के गर्भ से है। घटना के दिन अचानक मोहम्मद नूम खान के नेतृत्व में कुछ मजहबी गुंडे उसके घर में घुस आए और भामी कोहली को उठा ले गए। अपहरण के बाद उनके के साथ लगातार बलात्कार किया गया। उनके परिजनों ने अपहरणकर्ताओं से मिलकर मिन्नतें की, पर उन जिहादियों का दिल नहीं पसीजा।

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पाकिस्तान में फिर एक हिंदू महिला पर अत्याचार हुआ है। पांच महीने के गर्भ से होने के बावजूद उसका अपहरण कर उसके साथ निरंतर ज्यादतियां की जा रही हैं। इस मामले के आरोपी बेखौफ छुट्टा घूम रहे हैं। पुलिस से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। घटना गत दिनों की है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन में हिंदू महिला भामी कोहली का उसके घर से अपहरण कर लिया गया। वह पांच माह के गर्भ से है। घटना के दिन अचानक मोहम्मद नूम खान के नेतृत्व में कुछ मजहबी गुंडे उसके घर में घुस आए और भामी कोहली को उठा ले गए। विरोध करने पर आरोपियों ने घर वालों की धुनाई कर दी। कई तो अब तक हमलावरों द्वारा दिए गए जख्म का इलाज करा रहे हैं।

अपहरण के बाद भामी के साथ लगातार बलात्कार किया गया। उनके परिजनों ने अपहरणकर्ताओं से मिलकर मिन्नतें की, पर उन जिहादियों का दिल नहीं पसीजा। उलटे उन्हें जान से मारने और भामी के कन्वर्जन की धमकियां दी जा रही हैं। उसके पति को डर है कि आज या कल भामी का जरूर कन्वर्जन कर दिया जाएगा।

उसने इस बारे में स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस संबंध में इलाके के नेताओं से गुजारिश करने के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। पाकिस्तान के सिंध में ऐसी घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। बावजूद इसके सामाजिक संगठन और मीडिया खामोश है। इस समय कोरोना संक्रमण से पाकिस्तान बुरी तरह कराह रहा है।

खबर लिखे जाने तक 2,39,729 मामले दर्ज हो चुके हैं और इससे 4,954 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय सिंध प्रांत सर्वाधिक कोरोनाग्रस्त है। इस परिस्थिति में भी जिहादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट में अगाह कर चुका है कि मुल्क में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं। फिर भी अब तक सरकार की ओर से ऐसी नीति नहीं बनाई गई जिससे हिंदुओं को संरक्षण दिया जा सके।