मुश्ताक, शिराज, अनीश और इश्तिहार ने राहुल को पेड़ से बांधकर तब तक मारा जब तक वह मर नहीं गया, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    दिनांक 31-अगस्त-2020   
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बीते 28 अगस्त को पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में 32 साल के राहुल की मोबाइल चोरी के आरोप में पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या का इल्जाम जिन पर लगा है उनके नाम हैं—मुश्ताक, शिराज, अनीश और इश्तिहार। लेकिन घटना के प्रकाश में आने एवं आरोपितों के नाम सामने आने के बाद से कथित सेकुलर मीडिया मौन साधे है।
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बीते 28 अगस्त को पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में 32 साल के राहुल की मोबाइल चोरी के आरोप में पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या का इल्जाम जिन पर लगा है, उनके नाम हैं—मुश्ताक, शिराज, अनीश और इश्तिहार। लेकिन घटना के प्रकाश में आने एवं आरोपितों के नाम सामने आने के बाद से कथित सेकुलर मीडिया मौन साधे है। यही वही मीडिया और कथित पत्रकार हैं, जो तबरेज चोर पर दहाड़—मारकर चीख—चिल्ला रहे थे और घटना को मजहब के खांचे में बैठाकर स्वार्थ सिद्ध कर रहे थे। ज्ञात हो कि तबरेज की भी चोरी के आरोप में भीड़ ने पिटाई की थी। बाद में उसकी मौत हो गई। लेकिन सेकुलर मीडिया ने घटना ने मुसलमानों की मॉब लिंचिंग के तौर पर पेश किया था।
खबरों के अनुसार पुलिस ने राहुल की हत्या से जुड़े सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि राहुल और उसके साथियों ने शिराज के सेलफोन को ट्रक से चुरा लिया था। लेकिन इसी बीच राहुल इन लोगों के हत्थे चढ़ गया और चारों आरोपितों ने उसकी जमकर पिटाई की जिसके चलते उसकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार पुलिस को चश्मदीद शेष कुमार ने बताया कि तड़के उसके पड़ोसी मुश्ताक अहमद, सिराज अहमद, अनीश और इश्तिहार पार्क में इस लड़के को बुरी तरह से पीट रहे थे। वह उसे पेड़ से बाँधे हुए थे और लाठी डंडों, पाइप और लोहे की रॉड से पिटाई कर रहे थे। बाद में वे उसे छोड़ कर भाग गए।
गौरतलब है कि मृत राहुल उर्फ धन्ना कीर्ति नगर स्थित जवाहर कैंप में रहता था। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पहुँचकर राहुल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया था पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।