दस पायदान की छलांग लगाकर "ईज आफ डूइंग बिजनेस" मामले में यूपी दूसरे नंबर पर

    दिनांक 10-सितंबर-2020   
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स्टेट बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान-2019 में उत्तर प्रदेश ने गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि अनेक अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। गत वर्ष उत्तर प्रदेश 12वें नंबर पर था। ईज आफ डूइंग बिजनेस की वर्तमान रैंकिंग उद्यमियों और निवेशकों के शत-प्रतिशत फीडबैक के आधार पर उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग, भारत सरकार (डी.पी.आई.आई.टी.) द्वारा जारी की गई है।
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 यह सब यूं ही नहीं हुआ। डी.पी.आई.आई.टी द्वारा सुझाए गए 187 सुधारों में से उत्तर प्रदेश द्वारा 186 सुधार लागू किए गए। प्रदेश की इस उपलब्धि में सिंगल विण्डो पोर्टल ‘निवेश मित्र’ का महत्वपूर्ण योगदान है। विगत 2 वर्षों में प्राप्त 2,29,936 अनापत्ति एवं लाइसेंस प्रकरणों में से निवेश मित्र के माध्यम से 94 प्रतिशत मामलों को निस्तारित करते हुए उद्यमियों को अनापत्ति एवं लाइसेंस निर्गत किए गए। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आए, इसके लिए राज्य सरकार ने आकर्षक नीतियां बनाकर उन्हें लागू किया। निवेशकों तथा उद्यमियों की सुविधा के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया। उद्यम स्थापना की कार्यवाही को सुगम, पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से सम्पन्न करने के लिए व्यापक स्तर पर इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी का प्रयोग किया गया। ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में राज्य द्वारा लगायी गयी ऊंची छलांग से यह सिद्ध हो गया है कि प्रदेश सरकार के इन समस्त प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश निवेशकों एवं कारोबारियों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के तौर पर उभरा है।

 
इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ राज्य सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में ‘ईज़ आफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में और सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। ईज़ आफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में अभूतपूर्व और उल्लेखनीय सुधार की यह उपलब्धि सभी के सहयोग से सम्भव हुई है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लिए कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उद्यमियों, निवेशकों तथा उद्योगपतियों को अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।"