फेक न्यूज़–चालक आफताब हत्याकांड में ‘जय श्रीराम’ का जयकारा लगवाने और शराब पिलाने का आरोप निकला झूठा

    दिनांक 14-सितंबर-2020   
Total Views |
चालक आफताब की मृत्यु को लेकर मीडिया के एक वर्ग ने जमकर फेक न्यूज चलाई और विवाद को सांप्रदायिक एंगल देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि असल वजह किसी बात को लेकर विवाद की थी।

jaikara_1  H x
 
 टैक्सी चालक आफताब आलम गत 6 सितम्बर को गुड़गांव से सवारी लेकर बुलंदशहर गया था। लौटते समय उसकी टैक्सी में कुछ असमाजिक तत्व बैठ गए। रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। उन आपराधिक किस्म के व्यक्तियों ने आफताब आलम के साथ मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़ कर भाग गए। नोएडा पुलिस ने घायल अवस्था में आफताब आलम को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद जमकर ‘फेक न्यूज़’ प्रकाशित की गई। फेक न्यूज़ इस तरह से बनाई गई ताकि साम्प्रदायिक दंगा भड़के। मोहम्मद आसिफ खान नाम के एक व्यक्ति ने  फेक न्यूज़ जारी करते हुए लिखा,"  गौतम बुद्ध नगर में कैब ड्राइवर को ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए विवश किया गया और शराब पिलाने का प्रयास किया गया। आफताब ने जब इनकार कर दिया तो उसे मार डाला गया।”  ट्विटर हैंडल पर आसिफ ने ‘द हिन्द न्यूज़’ नाम की एक वेबसाइट की खबर शेयर की। इस वेबसाइट पर आफताब की हत्या को ‘मॉब लिंचिंग’ लिखा गया। वामपंथी विचारधारा की वेबसाइट 'द वायर' ने भी इस घटना को माब लिंचिंग बताया और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 'द वायर' की खबर को नमक—मिर्च लगाकर शेयर किया।