इस्लामिक पाबंदियों से तंग आकर पूजा ने लगाई फांसी, नमाज पढ़ने को लेकर बनाया जाता था दबाव

    दिनांक 14-सितंबर-2020   
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पूजा पटेल ने आफताब से की तो थी ‘लव मैरिज’ मगर वह अंत में लव जिहाद साबित हुआ। शादी के बाद उस पर इस्लाम की पाबंदियां लगाई जाने लगीं। उसे पांचों समय की नमाज पढ़ने पर विवश किया जा रहा था, जबकि पूजा पटेल मुम्बई जाकर माडल बनना चाहती थी। अंततः वह इस्लामिक कानून से हार गई और बीते शनिवार को वाराणसी के भेलूपुर थाना अंतर्गत एक किराए के मकान में पूजा ने फांसी लगाकर जान दे दी।

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पूजा पटेल ने आफताब से की तो थी ‘लव मैरिज’ मगर वह अंत में लव जिहाद साबित हुआ। शादी के बाद उस पर इस्लाम की पाबंदियां लगाई जाने लगीं। उसे पांचों समय की नमाज पढ़ने पर विवश किया जा रहा था, जबकि पूजा पटेल मुम्बई जाकर माडल बनना चाहती थी। शादी के बाद पूजा को एक संतान भी हुई। अंततः वह इस्लामिक कानून से हार गई। गत शनिवार को वाराणसी के भेलूपुर थाना अंतर्गत एक किराए के मकान में पूजा पटेल ने फांसी लगाकर जान दे दी।

करीब पांच वर्ष पूर्व पूजा की मुलाकात आफताब से हुई थी। लखनऊ का रहने वाला आफताब, वाराणसी के बेनिया बाग़ में अपने रिश्तेदार के यहां रहता था और दालमंडी की एक दुकान पर नौकरी करता था। पूजा तब स्कूल में पढ़ रही थी। पूजा की मां का कहना है कि ‘आफताब के घरवालों ने उस समय निकाह पढ़वाया था।’ शादी के बाद तीन वर्ष तक दोनों एक किराये के मकान में रहे। उसके बाद दोनों भेलूपुर इलाके में किराए पर रह रहे थे।  


पूजा, मार्च के महीने में मुम्बई एक्टिंग सीखने गई थी। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद वह वाराणसी वापस लौट आई थी। लॉक डाउन खुल जाने के बाद पूजा ने फिर से मुंबई जाने की इच्छा जाहिर की थी। मगर पूजा के ससुराल वालों ने उस पर पाबंदी लगा दी।  पूजा के घरवालों का आरोप है कि उससे पांचों समय की नमाज पढ़ाई जाती थी। इस्लामिक कानून के हिसाब से रहने के लिए दबाव डाला जाता था।