चीन अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे

    दिनांक 02-सितंबर-2020   
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बीते 29-30 अगस्त को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिश पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि चीन अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे।
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लंबे समय से भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच बीते 3 महीने से सैन्य स्तर पर वार्ता का सिलसिला जारी है। बीते 29-30 अगस्त को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिश पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि चीन अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि लगातार हो रही बातचीत का चीनी पक्ष ने उल्लंघन करते हुये पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर यथास्थिति को बदलने के लिए 29-30 अगस्त की रात उत्तेजक सैन्य कार्रवाई की थी। जिसके बाद भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुये अपने सीमा की रक्षा की थी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीनी सेना की ओर से की गई उत्तेजक कार्रवाई का भारतीय पक्ष ने जवाब देते हुये अपने हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उचित रक्षात्मक उपाय किये। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि 31 अगस्त को जब दोनों पक्षों के ग्राउंड कमांडर स्थिति को बेहतर करने के लिए चर्चा कर रहे थे, तब चीनी सैनिक उत्तेजक कार्रवाई में लगे थे। मंत्रालय ने कहा कि सही समय पर रक्षात्मक कार्रवाई के कारण भारतीय पक्ष ने इन प्रयासों रोका और यथास्थिति में परिवर्तन नहीं होने दिया।
 
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने राजनयिक और सैन्य दोनों ही स्तरों पर चीनी पक्ष के सामने हाल की आक्रामक कार्रवाइयों का मुद्दा उठाया है। मंत्रालय ने कहा है कि हमने उनसे इस तरह की उत्तेजक कार्रवाई को लेकर अपने सैनिकों को अनुशासित और नियंत्रित में रखने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर हालात बेहतर करने के लिए भारत और चीन पिछले तीन महीनों से राजनयिक और सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में चीनी पक्ष की ओर से इस तरह की उत्तेजक कार्रवाई गलत है।