पाक अधिक्रान्त जम्मू-कश्मीर के विस्थापितों और कश्मीरी हिंदू शरणार्थियों को मिलेगा निवास का हक, ऑनलाइन पंजीकरण सेवा लांच

    दिनांक 02-सितंबर-2020   
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू कश्मीर से बाहर रहने वाले पीओजेके विस्थापितों और कश्मीरी हिंदू शरणार्थियों के लिए बड़ा कदम उठाया है. नयी डोमिसाइल पॉलिसी लागू होने के बाद से आर्टिकल 35A पीड़ितों को प्रदेश के स्थायी निवासी होने का हक दिया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में नयी डोमिसाइल पॉलिसी लागू होने के बाद से ही आर्टिकल 35A पीड़ितों को प्रदेश के स्थायी निवासी होने का हक दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जम्मू कश्मीर से बाहर रहने वाले पीओजेके विस्थापितों और कश्मीरी हिंदू शरणार्थियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जो विस्थापित या शरणार्थी विभिन्न कारणों या कोरोना के चलते खुद जम्मू कश्मीर में जाकर डोमिसाइल के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे थे, सरकार ने उनके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध की है। इसके लिए सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापन भी जारी किये हैं।
   
ध्यातव्य रहे कि 1947 में पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के बाद जो लाखों हिंदू विस्थापित होकर जम्मू कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में बसे थे, उनको आर्टिकल 35ए के चलते कभी जम्मू कश्मीर में रहते हुए भी स्थायी निवासी होने के नाते कोई आधिकार नहीं मिले थे। इसमें सबसे ज्यादा मुश्किलें उन पीओजेके विस्थापितों को झेलनी पड़ी जो जम्मू कश्मीर से बाहर दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान समेत देश के अन्य हिस्सों में बसे। उन्हें कभी शरणार्थी होने का दर्जा भी नहीं मिला, क्योंकि तकनीकी रूप से चूंकि वो भारत के हिस्से पीओजेके के निवासी थे, इसीलिए उन्हें देश में ही विस्थापित होने के बावजूद पिछले 73 सालों में न तो शरणार्थी का दर्जा मिला और न ही जम्मू कश्मीर का स्थायी निवासी होने का हक उनको मिला। हालांकि वे हमेशा अपने हक के लिए संघर्ष करते रहे।

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 एक अनुमान के मुताबिक आज इन शरणार्थियों की संख्या लाखों में हो सकती है। लेकिन नई डोमिसाइल पॉलिसी लागू होने के बाद से ही देश में कोरोना के चलते जम्मू कश्मीर जाकर पंजीकरण कराना संभव नहीं है। लिहाजा ये पीड़ित jkmigrantrelief.nic.in पर जाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जिसके बाद 15 दिनों के अंदर उनको ऑनलाइन डोमिसाइल जारी कर दिया जायेगा। सरकार ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान और पारदर्शी रखा है