लखनऊ और गोरखपुर में होगा कोवैक्सीन के अंतिम चरण का ट्रायल, सरकार ने दी मंजूरी

    दिनांक 25-सितंबर-2020   
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वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन पर तेजी से अनुसंधान कार्य चल रहा है. आई.सी.एम.आर. के सहयोग से भारत बायोटेक कोरोना से बचाने के लिए कोवैक्सीन बना रहा है. इसके दो चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है. अब कोवैक्सीन का ट्रायल तीसरे और अंतिम चरण में पहुंच गया है.

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वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन पर तेजी से अनुसंधान कार्य चल रहा है. आई.सी.एम.आर. के सहयोग से भारत बायोटेक कोरोना से बचाने के लिए कोवैक्सीन बना रहा है. इसके दो चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है. अब कोवैक्सीन का ट्रायल तीसरे और अंतिम चरण में पहुंच गया है. इस चरण में सफलता मिलने के बाद लोगों को कोवैक्सीन मिलने का रास्ता साफ़ हो जाएगा. इस कोवैक्सीन का अंतिम ट्रायल कुछ ही दिनों में उत्तर प्रदेश में शुरू किया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सम्बन्ध में अपनी मंजूरी दे दी है.
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के अनुसार, कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए राज्य सरकार ने अनुमति प्रदान कर दी है. भारत बायोटेक द्वारा वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल लखनऊ और गोरखपुर में किया जाएगा. कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल की अनुमति मिलने के बाद भारत बायोटेक को सुरक्षा और अन्य प्रोटोकॉल के लिए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए लखनऊ में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉक्टर आर. के. धीमान और गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर गणेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है.