लव जिहाद एक जनसांख्यिकीय आक्रमण है

    दिनांक 28-सितंबर-2020   
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 पिछले दिनों विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने लव जिहाद पर केंद्रित राष्ट्रीय जागरण की पाक्षिक पत्रिका ‘हिन्दू विश्व’ के विशेषांक का विमोचन किया। पत्रिका में लव जिहाद की 147 घटनाओं की सूची सहित दिए गए तथ्य समाज की आंखें खोलने वाले हैं।
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पिछले दिनों विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने लव जिहाद पर केंद्रित राष्ट्रीय जागरण की पाक्षिक पत्रिका ‘हिन्दू विश्व’ के विशेषांक का विमोचन किया। पत्रिका में लव जिहाद की 147 घटनाओं की सूची सहित दिए गए तत्थ्य समाज की आंखें खोलने वाले हैं। इस दौरान श्री आलोक कुमार ने कि लव जिहाद जनसंख्या पर सुनियोजित आक्रमण है। पुलिस, सरकार और समाज इन तीनों को मिलकर सतर्कता पूर्वक समयोचित कार्रवाई हेतु आगे आना होगा। क्योंकि लव जिहाद एक ऐसी षड्यंत्र है, जो कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर पैसे, साधन व धार्मिक अंधविश्वासों के आधार पर चलाया जा रहा है। इसे रोका जाना नितांत आवश्यक है। 

 उन्होंने आगे कहा कि केरल के मुख्यमंत्री ने 2012 में कहा था कि गत 3 वर्षों में 2667 हिन्दू लड़कियों ने इस्लाम स्वीकार किया तथा इसी बीच 79 लड़कियां वापस हिन्दू बनीं तथा 2 ईसाई। ये जो असंतुलन है, वह चिंताजनक है।

लव जिहाद एक ऐसी षड्यंत्र है, जो कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर पैसे, साधन व धार्मिक अंधविश्वासों के आधार पर चलाया जा रहा है। इसे रोका जाना नितांत आवश्यक है

सामान्य तौर पर लव जिहादी मुस्लिम युवक यह विश्वास करता है कि हिन्दू लड़कियों (खासकर निम्न आय वर्ग की) को, चाहे धोखे से, तिलक लगा कर, हाथ में कलावे के साथ हिन्दू होने का भ्रम पैदाकर अपने प्रेम जाल में फंसाने, निकाह और मजहब का विस्तार करने, तथा उनके साथ घूमने में उनके समुदाय का समर्थन हासिल है। जब विवाहोपरांत लड़की को पता चलता है कि मैंने जिस लड़के से विवाह किया था वह विधर्मी है, खान-पान, वेश-भूषा, आचार-विचार तथा व्यवहार में उल्टा है, तब उनकी स्थिति क्या होती है, यह बहुत सारे उदाहरणों से स्पष्ट है।

पत्रिका के सम्पादक श्री विजय शंकर तिवारी तथा विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल के साथ पत्रिका का अपने कार्यालय से विमोचन करते हुए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू विश्व’ ने अपने शोध के माध्यम से इन षडयंत्रों को उजागर करते हुए 147 घटनाओं की सूची सहित जो तत्थ्य दिए हैं, वे निश्चित ही समाज के लिए बहुत उपयोगी होंगे तथा यह संग्रहणीय अंक समाज की आँखें खोलने वाला साबित होगा।