शिकंजे में माफिया का अर्थतंत्र

    दिनांक 08-सितंबर-2020
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लखनऊ ब्यूरो   
उत्तर प्रदेश में अब माफिया और अपराधियों के दिन लद चुके हैं। सरकार न केवल अपराधियों की धर-पकड़ कर रही है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियां भी जब्त कर रही हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी और बाहुबली अतीक अहमद के विरुद्ध की गई, जिससे उन्हें जबरदस्त आर्थिक चोट पहुंची है
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मुख्तार अंसारी की लखनऊ स्थित दो अवैध इमारतें गिरा दी गई।  प्रकोष्ठ में मुख्तार अंसारी (ऊपर) एवं अतीक अहमद (नीचे)

उत्तर प्रदेश सरकार माफिया और अपराधियों के साथ सख्ती से निपट रही है और इनकी काली कमाई व अवैध संपत्तियां जब्त कर रही है। इन्होंने आतंक फैला कर सरकारी ठेकों में हस्तक्षेप किया और अपने गुर्गों को ठेका दिला कर काली कमाई अर्जित की। फिर इसी काली कमाई के दम पर राजनीति में आए और चुनाव जीतकर ‘माननीय’ कहलाने लगे। पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी ने भी सरकारी ठेकों पर कब्जा जमाकर बेहिसाब धन-दौलत कमाई और राजनीति में कदम रखा। प्रयागराज जनपद के माफिया अतीक अहमद ने भी इसी तरह साम्राज्य खड़ा किया। उसने रेलवे की निविदा पर कब्जा किया। इसके बाद विवादित जमीन के कारोबार में अकूत संपत्ति अर्जित की। अतीक अहमद पहले विधायक और फिर सांसद भी चुना गया। इन माफिया जन प्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो कई बार हुई। कई बार ये जेल भी गए, मगर अभी तक के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बाहुबलियों की अवैध संपत्ति और धनबल को ध्वस्त किया है। अभी तक की कार्रवाई में अतीक अहमद की 25 करोड़ रुपये और मुख्तार अंसारी की 66 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

अंसारी का अवैध साम्राज्य ध्वस्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर बताया कि माफिया मुख्तार अंसारी के काले-साम्राज्य का अंत समय आ गया है। अब तक इसकी 66 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त हो चुकी है। 41 करोड़ रुपये की अवैध आय की प्राप्ति का मार्ग बंद किया जा चुका है। इसके गिरोह के 97 साथी पुलिस की हिरासत में हैं। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।’ गौरतलब है कि राज्य सरकार ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी के 75 गुर्गोें को गिरफ्तार कर उसके 72 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए हैं। साथ ही, लखनऊ में अंसारी की दो इमारतों को ध्वस्त कर उसके दोनों बेटों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्तार गैंग के 7 सहयोगी ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की गई है। अवैध बूचड़खाना चलाने वाले 26 लोगों को जेल भेजा गया है। सरकार ने गैंगेस्टर अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए बूचड़खाने से होने वाली सालाना ढाई करोड़ की कमाई का स्रोत भी हमेशा के लिए बंद कर दिया। प्रदेश में पार्किंग ठेके की आड़ में अवैध वसूली करने पर चार मामले दर्ज कर 13 लोगों को जेल भेजा गया। इस तरह से 4.5 करोड़ रुपये की अवैध कमाई बंद कराई जा चुकी है। मऊ व भदोही में 8, वाराणसी में 7, जौनपुर में एक एवं चंदौली में मछली का अवैध कारोबार करने वाले अंसारी के दो  गुर्गों सहित कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 90 लाख रुपये की प्रतिबंधित मछली, 4 ट्रक, एक इनोवा एवं एक पिकअप वाहन भी जब्त किए गए। इन सबको मिलाकर अंसारी की सालाना 33 करोड़ की अवैध कमाई बंद हो चुकी है।

मुख़्तार अंसारी ने राजस्व रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर गाजीपुर जनपद के फतेहउल्लाहपुर गांव में तालाब जो कब्जा किया था, उसे भी छुड़ा लिया गया। हवाई अड्डे के लिए आवंटित 27.5 करोड़ रुपये की 50 बीघा जमीन से कब्जा हटाने के साथ तीन हॉटमिक्स प्लांट ध्वस्त करके 9 करोड़ रुपये की मशीनरी भी जब्त की गई। इससे अंसारी को सालाना 72 लाख रुपये का नुकसान होगा। मगई नदी पर मछली पालन के लिए 16 लाख की लागत से बने पुल को ध्वस्त कर वहां की 30 रुपये की जमीन को माफिया के कब्जे से छुड़ाया गया। इस कार्रवाई में करीब 7 लाख की एक बोलेरो जब्त करने के अलावा करीब 70 लाख रुपये की अवैध वार्षिक आय बंद करायी गयी। इतना ही नहीं, मुख्तार गैंग का एक लाख रुपये का इनामी बदमाश हरिकेश यादव  पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि 25 हजार के तीन इनामी बदमाश भी गिरफ्तार किए गए। शूटर बृजेश सोनकर को गिरफ्तार कर उसकी 60 लाख की संपत्ति जब्त की गई। आजमगढ़ जनपद में मुख्तार अंसारी के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इन तीनों के कब्जे से 62 लाख रुपये की सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया और 6 वाहन जब्त किए गए। इस तरह से मुख्तार अंसारी की अब तक 66 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। अंसारी ने परिवार के सदस्यों एवं सहयोगियों के नाम पर 72 शस्त्र लाइसेंस लिए थे, जिन्हें रद्द कर दिया गया है। पुलिस कार्रवाई में मुख्तार अंसारी गैंग के 38 गुर्गों को जेल भेजा जा चुका है। इस गैंग के 24 अन्य अपराधियों पर गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मुख्तार के दो सहयोगियों की एक करोड़ 19 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ऐसे 6 ठेकेदारों को भी चिह्नित किया गया जो मुख्तार अंसारी के सहयोग से ठेके हासिल करते थे। इन सभी के चरित्र प्रमाणपत्र रद्द हो चुके हैं। त्रिदेव समूह के कोयला कारोबारी उमेश सिंह की 6.5 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की गई है।

अतीक अहमद की भी कमर टूटी
अहमदाबाद जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ के खिलाफ भी प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। अभी तक अतीक की 25 करोड़ रुपये की 5 संपत्तियां जब्त की गई हैं, जबकि 13 अन्य संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। अतीक और उसके परिजनों के 12 शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित के अनुसार, बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जिलाधिकारी प्रयागराज द्वारा दिया गया था।’ ढाई-ढाई करोड़ के उसके चार मकानों को सरकार ने जब्त किया है। इनमें दो थाना खुल्दाबाद अंतर्गत चकिया मोहल्ले में, एक मकान सभासद नगर तथा एक थाना धूमनगंज अंतर्गत कालिंदीपुरम में था। इनके अलावा, थाना सिविल लाइन अंतर्गत महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित 20 करोड़ की व्यावसायिक इमारत ‘अली टावर’ सहित अतीक अहमद का कसारी-मसारी स्थित घर और कर्बला स्थित कार्यालय भी जब्त कर लिया गया। अतीक के खिलाफ 38 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। अतीक का बड़ा बेटा अब्बास सीबीआई के एक मुकदमे में वांछित है। अब्बास ने लखनऊ के पते पर 7 शस्त्र लाइसेंस लिये थे, जिसे बाद में दिल्ली के पते पर स्थानांतरित करा लिया। इसकी भी जांच हो रही है। इसके अलावा, ऐसी 16 कंपनियों की पहचान हुई है, जो अतीक अहमद की दबंगई की बदौलत चल रही थीं। प्रशासन ने एक जिप्सी, एक लैंड क्रूजर, बैंक आॅफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक एवं स्टेट बैंक के 6 खाते भी जब्त किए हैं।

  अतीक अहमद गैंग के दो गुर्गे मोहम्मद बद्दू तथा आबिद जमीन का अवैध व्यापार कर रहे थे। एक लाख के इनामी अतीक अहमद के भाई एवं पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ को गिरफ्तार किया गया। अशरफ की पिस्टल तथा गैंग के सहयोगी अबू तालिब का शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के साथ पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ के रिश्तेदार मोहम्मद कैश को जेल भेजने के बाद उसके शस्त्र का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। यही नहीं, अतीक के 39 सहयोगियों और उनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है।