दिल्ली दंगों में आईएसआई और खालिस्तान समर्थकों की थी भूमिका

    दिनांक 11-जनवरी-2021
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दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार दिल्ली दंगों के आरोपियों ने अपने बयानों में खुलासा किया है कि दिल्ली में दंगा भड़काने में खालिस्तानियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी भूमिका थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद दाखिल की गई चार्जशीट में इसका उल्लेख किया है

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दिल्ली दंगा हुए अगले महीने एक साल पूरा हो जाएगा। दिल्ली दंगों की जांच में लगी पुलिस अब इन दंगों की चार्जशीट दाखिल करने में लगी हुई है। इस बीच नई—नई बातें निकलकर सामने आ रही हैं।
पिछले साल फरवरी में हुए इन दंगों में उत्तरपूर्वी दिल्ली में 53 लोगों की मौत हुई थी। जिहादी भीड़ ने सैकड़ों घरों और दुकानों को जला दिया था। दिल्ली दंगों से लगातार दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इन दंगों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलगाववादी खालिस्तानियों के कनेक्शन की जांच कर रही है।
पिछले साल जून में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जांच के दौरान कुछ खालिस्तानियों को गिरफ्तार किया गया था। जिनमें से एक का नाम लवप्रीत है।
पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दिल्ली पुलिस को दिए बयानों में बताया है कि दिल्ली दंगों में खालिस्तानियों और आईएसआई एजेंटों की भी भूमिका थी. दिल्ली दंगा होने से पहले यह लोग सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों में सक्रिय थे। चार्जशीट में दिल्ली पुलिस दावा किया है ​कि आईएसआई के इशारे पर कुछ खालिस्तानी समर्थक पंजाब से दिल्ली आए थे और शाहीनबाग आंदोलन में सक्रिय रहे थे।
बता दें कि शाहीनबाग में सक्रिय रहे लवप्रीत सिंह को स्पेशल सेल जून में गिरफ्तार किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग लेने जा रहा था। लवप्रीत और बगीचा सिंह, पंजाब से आए हुए कई लोगों के साथ शाहीनबाग मे रुके हुए थे, इसके अलावा कुछ खालिस्तानी समर्थक दिल्ली के चांद बाग भी गए थे और भड़काने वाले भाषण दिए थे।
दिल्ली दंगों में साजिश की जांच कर रही स्पेशल सेल के सामने, चांद बाग दंगों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार अतहर खान और शादाब ने खुलासा किया था कि ''चांद बाग प्रोटेस्ट साइट शुरू करने वालों में से एक डॉक्टर रिजवान सिद्दकी शाहीनबाग प्रोटेस्ट साइट पर आता जाता रहता था। 10-11 फरवरी के आस-पास जब रिजवान सिद्दकी शाहीन बाग प्रोटेस्ट साइट से वापस आया, तो उसने हम लोगों को बताया कि शाहीनबाग पर उसकी मुलाकात खालिस्तान समर्थक बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह से हुई है जो भारत के खिलाफ अपने मिशन के लिए काम कर रहे हैं और उनको पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का सपोर्ट है। आईएसआई की तरफ से उन्हें निर्देश आए हैं कि खालिस्तान समर्थकों को सीएए और एनआरसी के विरोध में साथ देना चाहिए।
गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक बगीचा सिंह पहले भी पंजाब में आतंकरोधी कानून यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट) के तहत गिरफ्तार हो चुका है। बगीचा सिंह सालों जेल में रहकर बाहर आ गया था। वह न सिर्फ शाहीनबाग बल्कि सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के बीच भी देखा जा चुका है, जिसके बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं।