प्रदर्शनकारियों ने की अलग सिंधुदेश बनाने की मांग, भारत समेत अन्य देशों से लगाई मदद की गुहार

    दिनांक 18-जनवरी-2021   
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पाकिस्तान में सिंधु देश की आजादी के लिए विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ता जा रहा है। सालों से अलग देश की मांग कर रहे सिंधियों ने अब पाकिस्तान के पड़ोसी देश भारत समेत अन्य देशों से खुलकर मदद की गुहार लगाई है।

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पाकिस्तान में सिंधु देश की आजादी के लिए विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ता जा रहा है। सालों से अलग देश की मांग कर रहे सिंधियों ने अब पाकिस्तान के पड़ोसी देश भारत समेत अन्य देशों से खुलकर मदद की गुहार लगाई है। दरअसल बीते रविवार को जीएम सैयद की 117वीं जयंती पर आयोजित एक विशाल आजादी समर्थक रैली में प्रदर्शनकारी सिंधु देश की स्वतंत्रता के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य विश्व नेताओं के पोस्टर हाथों में लिए नजर आये।

बता दें कि जीएम सैयद सिंधी राष्ट्रवाद के जनक कहे जाते हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जमसोरो जिले में जीएम सैयद के गृहनगर में पिछले रविवार को आयोजित विशाल रैली के दौरान लोगों ने आजादी के नारे लगाए और पाकिस्तान से अलग होने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य वैश्विक नेताओं से सिंधु देश की आजादी के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
 
खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि सिंध प्रांत ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ और वैदिक धर्म का घर है और इस पर अंग्रेजों ने अवैध तरीके से कब्जा जमा लिया था। वहीं 1947 में इस इलाके को पाकिस्तान के हाथों सौंप दिया गया था। जेई सिंध मुत्तहिदा महाज के चेयरमैन शफी मोहम्मद बरफत ने कहा कि हमारे इतिहास और संस्कृति पर क्रूर तरीके से हमला करके इस पर कब्जा किया गया है।

स्वतंत्र सिंध ने एक अलग इतिहास और संस्कृति को बनाये रखा है। जहां सभी तरीके की संस्कृति, भाषा और विचार को स्वीकार किया जाता है। यहां के लोगों ने न सिर्फ इन चीजों को स्वीकार किया है, बल्कि उन्होंने मानव सभ्यता का एक बेहतर संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सिंधी लोग पाकिस्तान के आतंकवादी राज्य की दमनकारी गुलामी में नहीं रहना चाहते हैं। इसलिए हम पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए हमारे संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सिंध के लोगों को पाकिस्तान के इस्लामी आतंकवादी से छुटकारा चाहिए।

गौरतलब है कि सिंधु देश सिंधियों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग है। इस मूवमेंट की शुरुआत 1967 में जीएम सैयद और पीर अली मोहम्मद रशदी ने की थी।