‘कृषि कानून पर समाधान के लिए बीच का रास्ता् निकाला जाना चाहिए’’

    दिनांक 20-जनवरी-2021
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सरकार बुधवार को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता के अगले दौर के लिए तैयार है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेश (भैयाजी) जोशी ने कहा है कि कृषि कानून से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों को इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरूरत है। द इंडियन एक्सप्रेस से उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की जिसके संपादित अंश यहां प्रस्तुत हैं:-
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किसान आंदोलन पर

 किसानों को अगर कृषि कानून को लेकर कुछ दिक्कत है तो उन्हें सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए। अभी तक यही दिखता है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इस दिशा में दोनों पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। अगर आंदोलनकारी भी सकारात्मक रुख रखें तो अच्छा होगा...

किसी को भी आंदोलन करने से कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। लेकिन एक बीच का रास्ता निकालना चाहिए। एक आंदोलन न केवल इससे जुड़े लोगों को प्रभावित करता है, बल्कि समाज को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भी समाज पर असर डालता है। किसी भी आंदोलन का बहुत लंबे समय तक चलना समाज की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए एक बीच का रास्ता निकालना जरूरी है और दोनों पक्षों को समाधान की दिशा में बढ़ना चाहिए।

सीएए पर
हमारी लंबे समय से यह मांग रही है कि भारत को छोड़कर हिंदुओं के पास कोई दूसरा देश नहीं है। इसलिए भारत को बाहर से आने वाले हिंदुओं को नागरिकता देने के बारे में सोचना होगा। पाकिस्तान से इतने लोग वहां अत्याचार सहने के बाद भारत आए हैं और दिल्ली में फुटपाथों पर रह रहे हैं। भारत, पाकिस्तान के मुसलमानों को भी नागरिकता दे रहा है। अगर सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ होती, तो उन्हें नागरिकता नहीं दी जाती।

लव जिहाद पर
लोगों के बीच प्रेम संबंध औ विवाह होने से किसी को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन लव मैरिज और लव जिहाद में अंतर है। एक तरफ प्रेम और सहमति है तो दूसरी तरफ प्रलोभन है।  इसलिए अगर झूठ के माध्यम से कुछ किया जा रहा है, तो इससे निपटने के लिए एक कानून होना चाहिए। अब कानून कितना सख्त बनना चाहिए और उससे किसे संरक्षित किया जाना चाहिए, यह केवल विशेषज्ञ ही बता सकते हैं।

चीन-पाकिस्तान संबंध पर
यदि संबंधों को सुधरना है, तो यह दोनों पक्षों पर निर्भर करेगा। भारत ने कभी चीन या पाकिस्तान के प्रति आक्रामकता नहीं दिखाई। हमने केवल उनकी आक्रामकता का जवाब दिया है।