लाल किला में फंसे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 150 से अधिक पुलिसकर्मी घायल

    दिनांक 27-जनवरी-2021   
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दिल्ली पुलिस के साथ रैली निकालने को लेकर किसान संगठनों की जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उन बिंदुओं का कहीं से पालन नहीं किया गया. इस दौरान अलग-अलग जगहों पर आंदोलनकारियों द्वारा पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया। अब उसकी चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे में किसान नेता सवालों से कन्नी काटते और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। पर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खबर ली जा रही है।
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किसान ट्रैक्टर रैली के नाम पर दिल्ली में हुआ हुड़दंग सबने देखा। दिल्ली पुलिस के साथ रैली निकालने को लेकर किसान संगठनों की जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उन बिंदुओं का कहीं से पालन नहीं किया गया. इस दौरान अलग-अलग जगहों पर आंदोलनकारियों द्वारा जिस तरह से पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया, उसकी चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे में किसान नेता सवालों से कन्नी काटते नजर आ रहे हैं और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। पर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खबर ली जा रही है।

ज्ञात हो कि कल हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों की संख्या 100 से अधिक हो गई है। दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबरों की मानें तो ये पुलिसकर्मी आईटीओ और लाल किले में किसानों से टकराव के दौरान घायल हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार का कहना है कि ट्रैक्टर रैली में पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सार्वजनिक संपत्ति को भी पहुंचाया नुकसान

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दिल्ली पुलिस के पीआरओ ईश सिंघल ने बताया कि रैली के दौरान प्रदर्शनकारी कुछ स्थानों पर हिंसक हो गए। इस दौरान अराजक तत्वों के हमले में कई पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने इस दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को भी जमकर नुकसान पहुंचाया है। पुलिस के अनुसार किसानों के साथ हुई बैठक में रैली का मार्ग तय किया गया था। उसी हिसाब से पुलिस ने सुरक्षा-व्यवस्था का इंतजाम किया था। लेकिन आन्दोलकारियों ने तय रूट को नहीं माना। वे तय समय से पहले ही मार्च के लिए चल पड़े। इस दौरान जब पुलिस ने उन्हें रोका तो कई जगह हिंसक घटनाओं को भी अंजाम दिया गया और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने फिर भी काफी संयम रखा और जरूरत के हिसाब से ही बल प्रयोग किया।

हिंसा के दौरान लाल किले में फंसे रहे बच्चे
खबरों की मानें तो 250 बच्चे, जो 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेने आए थे, वे लाल किले में फंस गए थे। उपद्रवियों द्वारा की जा रही हिंसा से ये डरे सहमे बच्चे तीन घंटे तक रोते बिलखते रहे। बाद में पुलिस ने किसी तरह उन्हें कड़ी मसक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

अराजकता की भेंट चढ़ा ‘कथित किसान आन्दोलन’
अलग-अलग जगहों पर उपद्रवियों ने कल जमकर बबाल काटा। इस दौरान दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने रखे बैरिकेड्स को अराजक तत्वों ने ट्रैक्टर से तोड़ दिया। मध्य दिल्ली में बैरिकेड तोड़ने के साथ ही पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया और उन्हें क्षतिग्रस्त किया गया। आईटीओ में कुछ प्रदर्शनकारी एक पुलिसकर्मी को निर्ममता से पीटते नजर आए तो यहीं पर सरकारी संपत्ति और बसों को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ जगहों पर ट्रैक्टर पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया।