फिर जाहिर हुआ जाकिर का जहर— कहा—इस्लामिक देश में मंदिर निर्माण को मंजूरी नहीं, अगर मूर्ति है, तो उसे तोड़ देना चाहिए

    दिनांक 04-जनवरी-2021   
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मलेशिया में शरण लिए भगोड़े जाकिर नाइक ने एक बार फिर से पाकिस्तान में हिंदू मंदिर तोड़े जाने का समर्थन करते हुए जहरीली मानसिकता का परिचय दिया। उसने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है और वहां हिंदू मंदिर के निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा सकती और अगर किसी इस्लामिक देश में मूर्ति है, तो उसे तोड़ देना चाहिए।
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मलेशिया में शरण लिए भगोड़े जाकिर नाइक ने एक बार फिर से पाकिस्तान में हिंदू मंदिर तोड़े जाने का समर्थन करते हुए जहरीली मानसिकता का परिचय दिया है। इस दौरान उसने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है और वहां हिंदू मंदिर के निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा सकती। इतना ही नहीं नाइक ने कहा कि अगर किसी इस्लामिक देश में मूर्ति है, तो उसे तोड़ देना चाहिए। नाइक ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में हिंदू मंदिर गिराये जाने के समर्थन में यह बात कही है। गौरतलब है कि बीती 30 दिसंबर को जमायत-उलेमा-ए-इस्लाम के मजहबी नेता के नेतृत्व में करीब 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में आग लगा दी थी और मंदिर को तोड़ दिया था।

दरअसल सोशल मीडिया में कटृटरपंथी जाकिर नाइक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहता नजर आ रहा है कि पैंगबर मोहम्मद जब काबा लौटे थे, तब उन्होंने काबा में मौजूद सभी 360 मूर्तियों को तुड़वा दिया था। उनका मानना है कि एक इस्लामिक देश में एक मूर्ति या प्रतिमा का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। उसने कहा कि यदि किसी इस्लामिक देश में प्रतिमा है तो उसे तोड़ देना चाहिए। हालांकि अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने एक बयान में कहा कि जिस मंदिर में भीड़ ने तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी थी, उसका प्रांतीय सरकार पुनर्निर्माण कराएगी।
 


भारत सरकार से डरकर भगोड़ा जाकिर मलेशिया में लिए हुए शरण
राष्ट्रीय जांच एजेंसी कटृटरपंथी जाकिर नाइक मामले की जांच कर रही है। ऐसे में वह जांच के डर से मलेशिया में रह रहा है। नाइक पर मनी लॉड्रिंग और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है। उसका नाम 2016 में ढाका में हुए बम धमाकों में भी आया था। इन धमाकों में सैकड़ों लोग मारे गए थे। धमाकों में शामिल एक आरोपी ने बाद में स्वीकार किया था कि नाइक के भाषणों के कारण वह ऐसे घिनौना काम करने के लिए प्रेरित हुआ था। एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक नाइक पिछले करीब 4 साल से मलेशिया में रह रहा है। भारत में उसके भाषण पीस टीवी पर प्रसारित होते थे, जिस पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं ब्रिटेन और कनाडा ने उसे वीजा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मलेशिया ने उसे स्थाई नागरिकता दे दी