बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर, एक कार्यकर्ता की हत्या तो दूसरे का काटा हाथ

    दिनांक 05-जनवरी-2021
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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का जो रूप देखने को मिल रहा है, वह बहुत ही भयावह है। चुन-चुनकर भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं को निशाना बनाया जा रहा, उनकी हत्या की जा रही हैं। केरल के बाद बंगाल ऐसा राज्य सामने आया है, जहां सत्ताधारी भाजपा कार्यकर्ताओं के खून के प्यासे हो रहे हैं

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ताजा मामला आसनसोल और  मालदा का है, जहां भाजपा नेताओं को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। हमले में भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी तो बच गए लेकिन मालदा में भाजपा नेता सादिक अली गंभीर से से घायल हो गए। उनकी खराब स्थिति को देखकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
ममता बनर्जी के शासन में कानून-व्यवस्था कितनी खस्ताहाल है, उसका ताजा मामला नदिया का है, जहां एक भाजपा नेता का हाथ काटने की घटना प्रकाश में आई है तो वहीं पूर्व मेदनीपुर में एक कार्यकर्ता की हत्या की भी खबर है। हिंसा की घटनाओं में तृणमूल पार्टी के गुंडों की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं।
गौरतलब है कि अभी तक हिंसा की इन घटनाओं में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह पहली बार नहीं है, जब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं को राजनीतिक हिंसा का शिकार बनाया जा चुका है।
बीते रविवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले में पटासपुर के गोपालपुर में भाजपा के बूथ कार्यकर्ता अमूल्य मंडल की हत्या कर दी गई। नदिया जिले के चकदा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 19 के पास भाजपा अध्यक्ष पर उनके घर के पास हमला किया गया। हमले के दौरान बदमाशों ने उनका हाथ काट दिया। इसके अलावा मालदा जिले के समसी में बीच सड़क पर भाजपा के मंडल अध्यद्वा सादिक अली की गाड़ी को निशाना बनाकर गोली चलाई गई।
सादिक के हाथ में गोली लगी है। उन्हें मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। भाजपा ने कहा है कि वह पार्टी की एक बैठक में भाग लेकर लौट रहे थे तभी रात करीब साढ़े 10 बजे उनको गोली मारी गई।
गोलीबारी की दूसरी वारदात आसनसोल के निकट स्थित बर्नपुर के हीरापुर में हुई। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी पर रविवार रात 12 बजे उनके आवास के सामने ही कुछ अज्ञात लोगों ने गोलियां चलाईं। हमले में वह बाल—बाल बचे। इस मामले में हीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। हमले के विरोध में सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने हीरापुर थाने का घेराव किया गया।

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तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हत्याओं को संक्षिप्त संक्षिप्त ब्यौरा
—पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में 13 सितम्बर 2020 को भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गोघाट क्षेत्र में स्थित खनती गांव के पास अधेड़ उम्र के गणेश रॉय का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। रॉय को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों ने रॉय की हत्या की है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी ने रॉय की हत्या कर आधी रात को उसका शव पेड़ से लटका दिया ताकि क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं में दहशत का माहौल पैदा किया जा सके।
—पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के खानकुल क्षेत्र में 15 अगस्त 2020 को एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने को लेकर हुए विवाद में एक 40 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता सुदर्शन प्रमाणिक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। भाजपा कार्यकर्ता की मौत के खिलाफ विरोध करते हुए, बंगाल भाजपा ने इस घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। भाजपा ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ता की हत्या टीएमसी द्वारा की गई है।
—30 जुलाई 2020 को 24 घंटे के भीतर दो भाजपा कार्यकर्ताओं के शव पेड़ से लटके मिले हैं। पूर्वी मिदनापुर जिले के कछुरी गांव में भाजपा कार्यकर्ता पूर्णचरण दास का शव पेड़ से लटका मिल तो मथुरापुर में बूथ सचिव गौतम पात्र का शव भी पेड़ से लटका मिला है। परिवार और बीजेपी ने टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाया है।
— 15 जुलाई को तृणमूल के गुंडों ने नदिया जिले के कृष्णा नगर में एक भाजपा कार्यकर्ता बापी घोष की हत्या कर दी। बापी घोष की हत्या पर भाजपा ने कहा कि “टीएमसी ने पश्चिम बंगाल को विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की हत्या के मैदान में बदल दिया है। रोज दिन के उजाले में लोकतंत्र नष्ट किया जा रहा है।”
—पश्चिम बंगाल में भाजपा ने टीएमसी पर अपने एक कार्यकर्ता रॉबिन पॉल की हत्या का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल प्रभारी और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कालना में भाजपा कार्यकर्ता रॉबिन पॉल पर टीएमसी के गुंडों ने हमला करके मार डाला। ये हिंसा की राजनीति का चरम है।
पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले स्थित एक बाजार में 13 जुलाई 2020 को तड़के भाजपा के विधायक देबेंद्र नाथ रॉय की खंभे से टंगी लाश मिली। देबेंद्र नाथ रॉय हेमटाबाद रिजर्व सीट से विधायक थे। देबेंद्र नाथ रॉय के परिजनों का आरोप है कि रविवार देर रात उन्हें फोन आया, जिसके बाद देबेंद्र नाथ रॉय घर से बाहर गए और फिर वापस नहीं लौटे। उनका कहना है कि देबेंद्र की हत्या कर घर से एक किलोमीटर दूर बाजार में उनकी लाश को टांग दिया गया था।