स्वदेशी मैसेजिंग एप संदेश के जरिए सरकार व्हाट्सएप को दिखाएगी अंगूठा

    दिनांक 16-फ़रवरी-2021
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पाञ्चजन्य डेस्क
स्वदेशी मैसेजिंग ऐप संदेश में उपयोगकर्ताओं के लिए एक अनोखी सुविधा प्रदान की गई है। इस सुविधा के जरिए संदेश ऐप उपयोगकर्ता गुप्त संदेश दूसरे उपयोगकर्ताओं को भेज सकेंगे। संदेश में जोड़े गए इस अतिरिक्त फीचर से उपयोगकर्ता किसी मैसेज को कांफिडेंशियल मैसेज के तौर पर चिन्हित करके भेज सकता है।
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मोबाइल धारकों की डेटा चोरी और निजता का ख्याल के महत्व देखते हुए भारत सरकार ने पिछले वर्ष एक स्वदेशी मैसेजिंग ऐप संदेश लांच किया था। गवर्नमेंट इंस्टेंट मैसेजिंग सिस्टम (GIMS)नाम से भी पुकारे जा रहे इस स्वदेशी ऐप का इस्तेमाल कल तक सरकारी कर्मचारियों तक सीमित था, लेकिन अब इसका उपयोग आम नागरिक भी कर सकेंगे। संदेश ऐप को www.gims.gov.in से एक्सेस किया जा सकता है। इससे पहले, सरकार ने स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप 'कू' को प्रोत्साहित करते हुए ट्विटर के एकाधिकार और निरंकुशता पर चोट करने की कोशिश की है।
स्वदेशी संदेश ऐप को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने बिल्कुल व्हाट्सएप मैसेंजिंग ऐप की तरह बनाया गया है। संदेश ऐप का इंटरेफेस अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप की तरह है, जहां दो प्लेटफॉर्म के बीच हो रही बातचीत (चैट) के इतिहास को हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है। संदेश ऐप पर व्हाट्सएप की तरह मोबाइल नंबर या मेल आईडी के जरिए खाता बनाया जा सकता है। यही नहीं, संदेश ऐप में ग्रुप खाता भी बना सकते हैं। इसके अलावा संदेश ऐप के जरिए उपयोगकर्ता अपने मैसेज को ब्रॉडकास्ट भी कर सकता है।
गौरतलब है पिछले दिनों चर्चित मैसेंजिंग ऐप व्हाट्सएप अपनी नई निजता नीति को लेकर काफी चर्चा में रही थी, जिसमे व्हाट्सएप के नए वर्जन में मोबाइल उपयोगकर्ताओं के डेटा चोरी और निजता से समझौता किए जाने की खबरें प्रमुखता से सामने आई थीं। यह विवाद इतना बढ़ गया था कि मोबाइल उपयोगकर्ताओं ने व्हाट्सएप छोड़कर सिग्नल और टेलीग्राम की ओर जाने लगे थे। इतना ही नहीं, मोबाइल उपयोगकर्ताओं की निजता पर हमले को लेकर संजीदा हुई खुदरा कारोबारियों के संगठन कैट ने सरकार से व्हाट्सएप पर रोक लगाने की मांग तक कर दी थी।
सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को लिखे एक पत्र में कैट संगठन ने व्हाट्सएप की नई निजता नीति पर चिंता जाहिर करते हुए उस पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की। देखते ही देखते यह यह मामला इतना तूल पकड़ गया कि व्हाट्सएप को भी झुकना पड़ गया और 20 करोड़ से अधिक भारतीय व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को खोने के डर से कंपनी ने व्हाट्सएप ऐप के नए वर्जन को अपडेट करने की समय-सीमा का बदलना पड़ गया। यानी अब व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को मई तक पुराने वर्जन पर व्हाट्सएप का उपयोग कर सकेंगे।
व्हाट्सएप की स्वामित्व वाली कंपनी फेसबुक ने भारतीय समाचार पत्रों में फुल पेज का विज्ञापन देकर उपयोगकर्ताओं के डेटा चोरी और निजता की आशंकाओं को लेकर न केवल सफाई देनी पड़ी, बल्कि तीन महीने के लिए व्हाट्सएप अपडेट योजना को रद्दी को टोकरी में डालनी पड़ी। कंपनी पहले गत 8 फरवरी को व्हाट्सएप के टर्म्स और सर्विस को नए वर्जन को अपडेट करने जा रही थी, लेकिन अब उसने इस अवधि को तीन महीने आगे बढ़ा दिया गया है। निः संदेह फेसबुक भारत जैसे बड़े बाजार को नहीं खोना चाहती है।
सुरक्षा और निजता के चलते लांच हुआ स्वदेशी ऐप
सरकार ने पिछले वर्ष अप्रैल 2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी सरकारी कर्मचारियों को एक एडवाइजरी जारी की थी, जो सरकारी कर्मचारियों के संचार सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ा हुआ था। इसके तहत सरकारी कर्मियों को आधिकारिक संचार के लिए जूम जैसे प्लेटफॉर्म के उपयोग से मना किया था। मंत्रालय ने यह एडवाइजरी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (cert-In)द्वारा सुरक्षा और निजता से जुड़ी चिंताओं को लेकर जारी किया था। भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा चोरी और उनकी निजता की सुरक्षा जैसे मुद्दे स्वदेशी संदेश ऐप की रूपरेखा की आधारशिला बनी।
अगस्त 2020 में लांच हुआ संदेश ऐप का पहला वर्जन
सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित संचार नेटवर्क पर पिछले चार वर्षों से काम कर रही थी, लेकिन पिछले साल कोरोना महामारी के बीच राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद इस काम में तेजी आई और अगस्त 2020 में एनआईसी ने स्वदेशी संदेश ऐप का पहला वर्जन पेश किया, जिसका इस्तेमाल सभी केंद्रीय और राज्य स्तर के सरकारी कर्मी संस्थाओं के बीच संचार के लिए कर रहे थे। संदेश ऐप को पहले एंड्रायड उपयोगकर्ताओं के लिए लांच किया था, लेकिन बाद मे यह आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए भी लांच कर दिया गया।
संदेश ऐप के जरिए गुप्त मैसेज भेजने की भी सुविधा
स्वदेशी मैसेजिंग ऐप संदेश में उपयोगकर्ताओं के लिए एक अनोखी सुविधा प्रदान की गई है। इस सुविधा के जरिए संदेश ऐप उपयोगकर्ता गुप्त संदेश दूसरे उपयोगकर्ताओं को भेज सकेंगे। संदेश में जोड़े गए इस अतिरिक्त फीचर से उपयोगकर्ता किसी मैसेज को कांफिडेंशियल मैसेज के तौर पर चिन्हित करके भेज सकता है। इससे संदेश पाने वाले तक यह सूचना पहुंच जाएगी कि अमुक सूचना गुप्त है, जिसे किसी अन्य के साथ साझा नहीं करना है। हालांकि संदेश ऐप में उपयोगकर्ताओं को मोबाइल नंबर या मेल आईडी नहीं बदलने की सुविधा नहीं दी गई है।