भाजपा से अपनी सियासी पारी शुरू करेंगे मेट्रो मैन ई. श्रीधरन!

    दिनांक 18-फ़रवरी-2021
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प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक श्रीधरन वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव से पहले दो बार नरेंद्र मोदी को अच्छा राजनेता बता चुके हैं। यही नहीं, उनका नाम वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का समर्थन करने वाले लोगों में भी शामिल था।
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केरल भाजपा प्रमुख के. सुरेंद्रन ने गुरूवार को एक बयान जारी कर कहा है कि मेट्रो मैन ई. श्रीधरन जल्द भाजपा से जुड़कर अपनी नई सियासी पारी की शुरूआत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों में शुमार श्रीधरन को पार्टी से जोड़कर भाजपा केरल में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। केरल भाजपा प्रमुख के मुताबिक श्रीधरन ने खुद भाजपा के साथ जुड़कर सियासी पारी शुरूआत करने की आकांक्षा व्यक्त की है। भाजपा प्रमुख ने कहा कि उनकी इच्छा है कि श्रीधरन आगामी केरल विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ें।
मशहूर सिविल इंजीनियर ई. श्रीधरन आगामी 21 फरवरी को केरल भाजपा प्रमुख के नेतृत्व में निकाल जा रही विजय यात्रा के दौरान आधिकारिक तौर पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। पता चला है कि विजय यात्रा के दौरान मलप्पपुरम में श्रीधरन को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई जाएगी। मलप्पपुरम श्रीधरन का गृह जिला है। हालांकि इस संबंध में अभी तक मेट्रो मैन ई. श्रीधरन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। श्रीधरन को देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सूरत बदलने के लिए जाना जाता है।
करीब 7 वर्ष दिल्ली मेट्रो के निदेशक रहे 88 वर्षीय ई. श्रीधरन वर्ष 1995 से 2012 तक दिल्ली मेट्रो के निदेशक रहे। वर्ष 2001 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और वर्ष 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक श्रीधरन वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव से पहले दो बार नरेंद्र मोदी को अच्छा राजनेता बता चुके हैं। यही नहीं, उनका नाम वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का समर्थन करने वाले लोगों में भी शामिल था।
गौरतलब है आगामी अप्रैल-मई में केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा मेट्रो मैन को पार्टी से जोड़कर भाजपा केरल में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद में जुटी है। इसी सिलसिले में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी केरल के दो दिवसीय दौरे के लिए जा चुके है। दरअसल, हाल ही में विधानसभा चुनाव से पहले केरल में एनडीए की सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS)ने गठबंधन तोड़ लिया है, जिसके बाद से भाजपा आक्रामक होकर केरल में सियासी जोड़-तोड़ में जुटी है।