सरसंघचालक का सात दिवसीय बिहार प्रवास संपन्न

    दिनांक 24-फ़रवरी-2021
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सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत  9-15 फरवरी तक बिहार के दौरे पर रहे। उन्होंने 10 फरवरी को पटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दक्षिण बिहार प्रांत की  कार्यकारिणी के सदस्यों तथा संघ की विभिन्न गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत  9-15 फरवरी तक बिहार के दौरे पर रहे। उन्होंने 10 फरवरी को पटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दक्षिण बिहार प्रांत की  कार्यकारिणी के सदस्यों तथा संघ की विभिन्न गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। 11 फरवरी को उन्होंने पटना के फुलवारी में बनने वाले ‘सेवा सदन’ का भूमिपूजन किया। डॉ़  हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा 2.5 एकड़ जमीन पर बनाए जा रहे इस ‘सेवा सदन’ में सुदूर क्षेत्र से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को ठहरने, भोजन एवं न्यूनतम चिकित्सीय सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने 13 फरवरी को मुजफ्फरपुर में उत्तर बिहार प्रांत की कार्यकारिणी के सदस्यों तथा संघ की विभिन्न गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। 14 फरवरी को श्री भागवत ने मुजफ्फरपुर में संघ के नवनिर्मित कार्यालय ‘मधुकर भवन’ का उद्घाटन किया। 

पटना में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री भागवत ने पर्यावरण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बतायी। पटना में दक्षिण बिहार प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में ‘पाञ्चजन्य’ एवं ‘आर्गनाइजर’ के राम मंदिर केन्द्रित विशेषांक का लोकार्पण भी किया गया।

फुलवारी में ‘सेवा सदन’ का शिलान्यास करने के बाद श्री भागवत ने कहा कि आत्मीयता की शुद्ध प्रेरणा से किया जाने वाला कार्य सेवा है। पूरी मानवता को अपना कुटुंब मानकर ही सही सेवा कार्य किया जा सकता है। सेवा का उद्देश्य समाज को समर्थवान बनाना है, ताकि भविष्य में वह भी सेवा करने लायक बन सके।

श्री भागवत एक दिन मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड अंतर्गत राजखंड पहुंचे। वहां उन्होंने गोपूजा की तथा गोपाल प्रसाद शाही की प्रेरणा से चल रहे देववती जैविक उद्यान का निरीक्षण भी किया। मुजफ्फरपुर में संस्कृति उत्थान न्यास समिति द्वारा निर्मित ‘मधुकर निकेतन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषताएं बतार्इं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति प्रेम की संस्कृति है, डंडे की नहीं। मानवता और देश की रक्षा प्रत्येक भारतीय का धर्म है।  संजीव कुमार