जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में आई कमी, बीते 3 सालों में 635 आतंकवादी ढेर

    दिनांक 03-फ़रवरी-2021   
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 केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य में आतंकी घटनाओं में कमी आई है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2018 और 2019 के मुकाबले 2020 में आतंकी घटनाओं में बड़ी कमी आई है।


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केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य में आतंकी घटनाओं में कमी आई है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2018 और 2019 के मुकाबले 2020 में आतंकी घटनाओं में बड़ी कमी आई है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में 2018 में 614 बार आतंकी घटनाएं हुई थी। वहीं 2019 में 594 बार और 2020 में 244 बार आतंकी घटनाएं हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक 2018 में हुए आतंकी घटनाओं में 39 आम नागरिक मारे गए थे। वहीं 91 जवान बलिदान हुए थे। 2018 के हमलों में कुल 63 आम नागरिक और 238 जवान घायल हुए थे। इसके अलावा 2018 में सुरक्षाबलों ने कुल 257 आतंकियों को मार गिराया था।
आंकड़ों के मुताबिक 2019 में कुल 594 बार आतंकी घटनाएं हुई थी, जिसमें 39 सिविलियन मारे गये थे। वहीं 80 जवान बलिदान हुए थे। इन हमलों में कुल 188 सिविलियन और 140 जवान घायल हुए थे। इसके अलावा 2019 में सुरक्षाबलों ने कुल 157 आतंकियों को मार गिराया था। वहीं 2020 में 244 आतंकी हमले हुए थे, जिसमें 37 सिविलियन मारे गए थे और कुल 112 सिविलियन घायल हुए थे। वहीं इन हमलों में 62 जवान बलिदान हुए थे और 106 जवान घायल हुए थे। साल, 2020 में सुरक्षाबलों ने कुल 221 आतंकियों को मार गिराया था।

पाकिस्तान की नापाक हरकत
भारत द्वारा लगातार आग्रह के बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान ने बीते 3 सालों में कुल 10,752 बार सीजफायर के नियम का उल्लंघन किया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद सीजफायर की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक साल, 2018 में पाकिस्तान ने कुल 2 हजार 140 बार सीजफायर उल्लंघन किया था, जिसमें 30 नागरिकों की जान गई थी और 143 नागरिक घायल हुए थे। वहीं इन गोलाबारी में कुल 29 जवान बलिदान हुए थे और 116 जवान घायल हुए थे। 2019 में पाकिस्तान ने 3 हजार 479 बार सीजफायर उल्लंघन किया था, जिसमें 18 सिविलियन मारे थे और 127 सिविलियन घायल हुए थे। वहीं 19 जवान बलिदान हुए थे और 122 जवान घायल हुए थे। 2020 में पाकिस्तान ने आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश में सबसे ज्यादा 5 हजार 133 बार सीजफायर उल्लंघन किया था। जिसमें कुल 22 सिविलियन मारे गए थे और 24 जवान बलिदान हुए थे। वहीं इन गोलाबारी में 71 सिविलियन और 126 सुरक्षाबलों के जवान घायल हुए थे।