हर—हर महादेव के जयकारों से गूंजा शंकराचार्य मंदिर, कश्मीरी समाज ने हर्षोल्लास से मनाया शिवरात्रि का पर्व

    दिनांक 12-मार्च-2021   
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महाशिवरात्रि पर्व पर श्रीनगर स्थित शंकराचार्य मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर को खास लाइटों से सजाया गया था, जिसे देखने के लिए बीते बुधवार की रात से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर के अलावा हनुमान मंदिर और गणपत्यार मंदिर समेत अन्य मंदिरों को भी सजाया गया।
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 महाशिवरात्रि पर्व पर श्रीनगर स्थित शंकराचार्य मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर को खास लाइटों से सजाया गया था, जिसे देखने के लिए बीते बुधवार की रात से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर के अलावा हनुमान मंदिर और गणपत्यार मंदिर समेत अन्य मंदिरों को भी सजाया गया।

बता दें कि कश्मीरी हिन्दुओं के लिए महाशिवरात्रि का पर्व एक बड़ा त्योहार होता है। देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा इसे यहां ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है। कश्मीरी हिन्दू इस पर्व को 'हेरथ' के रूप में मनाते हैं। हेरथ शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसका हिंदी अर्थ हररात्रि या शिवरात्रि होता है।

कश्मीरी हिंदू हेरथ पर्व पर कैसे करते हैं पूजा-अर्जनाकश्मीरी हिन्दू महाशिवरात्रि का पर्व पूरे 3 दिन मनाते हैं। इस खास पूजा के लिए वह कलश सजाते हैं, जो कि भगवान शिव के बारातियों के रूप में होते हैं। कई लोग पीतल तो कई लोग मिट्टी के कलश रखते हैं। इसके साथ ही भगवान शिव, पार्वती और बरातियों की पूजा की जाती हैं।

कलश और गागर में अखरोट भरे जाते हैं। जिसे चार वेदों का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव को रूप में सोनिपतुल की पूजा होती है। इसके बाद भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराने के बाद महिमनापार के साथ बेलपत्र, फूल, धतूरा आदि चढ़ाते हैं। धूप-दीपक करने के बाद कलश में रखे हुए अखरोट को प्रसाद के रूप में सबको बांटते हैं।