हिंदी में काम करते हैं तो यह जानना जरूरी

    दिनांक 19-मार्च-2021
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बालेन्दु शर्मा दाधीच

अगर आपको घर से ही अपने कार्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन की फाइल सही व्यक्ति तक पहुंचानी है या किसी प्रकाशक को किताब की पांडुलिपि भेजनी है तो 25 मेगाबाइट की सीमा वाले ईमेल की बजाए इसे वीट्रांस्फरडॉटकॉम से भेज सकते हैं
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पिछले अंक में हमने कुछ ऐसी तकनीकों की चर्चा की थी जिनकी जानकारी एक सामान्य व्यक्ति को होनी चाहिए जो कंप्यूटर, स्मार्टफोन या इंटरनेट आदि तकनीकी माध्यमों का प्रयोग करता है। इस अंक में हम उस जानकारी को आगे बढ़ाएंगे। यदि आप हिंदी के प्रयोक्ता हैं तो आपको उन सभी आवश्यक तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए जो अपनी भाषा में बेहतर काम करने में आपकी सहायता करती हैं। इनमें से कुछ तकनीक कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव में तैयार हुई हैं तो कुछ नए दौर में कामकाज के नए तरीके, जिसे ‘रिमोट वर्क’ या दूरस्थ कार्य कहते हैं, उसे लक्ष्य बनाकर विकसित की गई हैं।

बोलकर टाइप करना
जो लोग पारंपरिक कीबोर्ड से टाइप करने के लिए तैयार नहीं हैं या उस पर हिंदी में टाइपिंग सीखने की स्थिति में नहीं हैं, वे ‘स्पीच टू टेक्स्ट’ या बोलकर टाइप करने की पद्धति का इस्तेमाल कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ़्ट के आॅफिस 365 नामक अनुप्रयोग में डिक्टेशन की सुविधा शामिल कर दी गई है। यानी अगर आप आॅफिस के नए संस्करण का प्रयोग करते हैं तो बिना किसी बाहरी ‘टूल’ या सेवा के इसी सॉफ्टवेयर के भीतर बोलकर टाइप कर सकते हैं-अंग्रेजी ही नहीं, हिंदी में भी। आॅफिस के माइक्रोसॉफ़्ट वर्ड जैसे अनुप्रयोगों में होम टैब पर ही आपको ‘डिक्टेट’ नाम का बटन दिखाई देगा। इसे क्लिक कीजिए, अपनी भाषा का चयन कीजिए और बोलना शुरू कर दीजिए। याद रखिए, हम आॅफिस के नए संस्करण की बात कर रहे हैं। 

दूसरी तरफ आप अपने एंड्रोइड मोबाइल फोन पर ‘गूगल इंडिक कीबोर्ड’ ‘इन्स्टॉल’ करने के बाद गूगल वॉयस टाइपिंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए पहले एंड्रोइड प्लेस्टोर पर जाकर गूगल इंडिक कीबोर्ड नाम के एप को खोजकर डाउनलोड करें। इस कीबोर्ड में भाषाओं का चुनाव चयन के लिए कहा जाएगा। यहां पर ‘इंग्लिश एंड इंडिक लैंग्वेजेज’ का चयन कर लें। अगर आपको यह विकल्प दिखाई न दे या आप इसका चुनाव करने से चूक जाएं तो अपने मोबाइल फोन की सेटिंग्स में जाकर जनरल मैनेजमेंट में जाएं और फिर ‘लैंग्वेज एंड इनपुट’ पर टैप करें। अब कीबोर्ड खंड में आॅन स्क्रीन कीबोर्ड नाम का विकल्प दिखेगा। इसे टैप करेंगे तो आपको गूगल इंडिक कीबोर्ड दिखाई देगा। इसे क्लिक करके वही दो भाषाएं चुन लें। इसके बाद आपको गूगल वॉयस टाइपिंग में एक सेटिंग करनी है। गूगल वॉयस टाइपिंग का विकल्प गूगल इंडिक कीबोर्ड के पास ही दिखाई देगा। इसे क्लिक करें और अब लैंग्वेजेज नाम के विकल्प पर टैप करें।

अब आपको कई भाषाओं की सूची दिखाई देगी जिसमें आपको इंग्लिश (इंडिया) और हिंदी, दोनों का चुनाव करना है। हिंदी का विकल्प काफी नीचे दिखाई देगा। ये सभी सेटिंग्स करने के बाद आप किसी भी एप को खोल लें जिसमें आप टाइप करना चाहते हैं। जैसे ही आप टाइप करने लगेंगे, आनस्क्रीन कीबोर्ड उभर जाएगा। इसमें नीचे दिए ग्लोब के निशान पर टैप करने से भाषा बदल जाती है। हिंदी भाषा आने के बाद आप अपनी पसंद का कीबोर्ड चुन लें और टाइप करना शुरू कर दें। अगर आप वॉयस टाइपिंग का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसी कीबोर्ड में दाईं तरफ माइक्रोफोन के चिन्ह पर उंगली से टैप करें। अब कीबोर्ड की जगह वॉयस टाइपिंग का बॉक्स आ जाएगा। इसमें माइक्रोफोन के निशान पर उंगली से टैप करके बोलना शुरू कर दें। स्क्रीन पर टाइप होने लगेगा।

मोबाइल में टाइप किए गए टेक्स्ट को आप अपने आपको ईमेल कर सकते हैं और उस ईमेल को कम्प्यूटर पर खोल सकते हैं। वैसे गूगल वॉयस इनपुट सुविधा का इस्तेमाल कंप्यूटर पर भी डॉक्सडॉटगूगलडॉटकॉम के जरिए किया जा सकता है। यहां पर अपने गूगल अकाउंट से लॉगिन करें और नया दस्तावेज बनाएं। अब टूल्स पर जाकर  Voice Typing का चुनाव करें। इससे बाईं तरफ एक छोटा-सा बटन खुलेगा जिस पर माइक्रोफोन का आइकन बना होगा। इसके नीचे अपनी भाषा का चयन करें। अब माइक्रोफोन बटन पर क्लिक करके बोलना शुरू करें। आपके द्वारा उच्चारित शब्द टाइप होने लगेंगे। अब इस फाइल को सेव करके अपने कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकते हैं।

आनलाइन बैठकें
एक सामान्य प्रयोक्ता के रूप में, आॅनलाइन बैठकों के लिए प्रयुक्त होने वाले अधिकांश सॉफ़्टवेयरों के नि:शुल्क संस्करण से ही आपका काम चल जाएगा इसलिए उन्हें खरीदने की आवश्यकता शायद ही कभी पड़े। लेकिन उनकी बुनियादी सीमाओं का पता अवश्य होना चाहिए। जूम के नि:शुल्क संस्करण की आनलाइन बैठकों में अधिकतम सौ लोग हिस्सा ले सकते हैं और ये बैठकें 40 मिनट तक के समय की हो सकती हैं। इसके बाद भी अगर आपको बैठक जारी रखनी है तो हो सकता है कि आपको बैठक एक बार रोककर दोबारा नई बैठक शुरू करनी पड़े। हालांकि जूम यदा-कदा अपने अनुप्रयोग के जरिए होने वाली बैठकों को 40 मिनट से आगे चलाने की भी इजाजत दे देता है। इसे आप आजमाकर देख सकते हैं।

‘माइक्रोसॉफ़्ट टीम्स’ अपेक्षाकृत अधिक शक्तिशाली और विविधता वाला सॉफ्टवेयर है और उसका सशुल्क संस्करण दर्जनों किस्म की ऐसी सेवाओं के साथ आता है जो दूसरे सॉफ्टवेयर में उपलब्ध नहीं हैं। उसके नि:शुल्क संस्करण के जरिए की जाने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समय की कोई सीमा नहीं है। यही बात गूगल मीट पर लागू होती है जिसके नि:शुल्क संस्करण में अधिकतम सौ लोग वीडियो कॉल में शामिल हो सकते हैं और बैठक लंबी चल सकती है। 

सामग्री सहेजना
अक्सर आपके कंप्यूटर में रचनाओं का ढेर मौजूद होता है और डर रहता है कि कभी कंप्यूटर क्रैश हो गया या हार्ड डिस्क खराब हो गई तो आप इस सारी सामग्री से हाथ धो बैठेंगे। ऐसा हम सबके साथ कभी न कभी जरूर होता है, लेकिन हर बार हम एहतियाती कदम उठाना भूल जाते हैं। आप चाहें तो माइक्रोसॉफ्ट की वन ड्राइव (onedrive.live.com) या गूगल ड्राइव (drive.google.com)  पर अपना खाता बना लें और अपनी सभी जरूरी सामग्री को वहां अपलोड कर दें। यह सामग्री हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगी। चूंकि आपका खाता पासवर्ड से सुरक्षित है इसलिए इसके किसी और के हाथ में पड़ने की भी आशंका नहीं है। अब भले ही कंप्यूटर क्रैश हो या हार्ड ड्राइव उड़ जाए, आपकी सामग्री हमेशा के लिए सुरक्षित है, क्योंकि वह क्लाउड पर सहेजी जाती है और वहां पर भी ये कंपनियां सुरक्षा के लिए उनकी एक से अधिक प्रतियां बनाकर रखती हैं।

फाइल भेजना
कल्पना कीजिए कि आप अब भी घर से ही काम कर रहे हैं और आपको अपने कार्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन की फाइल सही व्यक्ति तक पहुंचानी है, किसी प्रकाशक को किताब की पांडुलिपि भेजनी है या किसी कार्यक्रम का बड़ा सा वीडियो भेजना है। आप इस सामग्री को ईमेल से भेज नहीं पा रहे, क्योंकि ईमेल पर 25 मेगाबाइट के ‘अटैचमेंट’ की सीमा आड़े आ गई है। कोई बात नहीं, आप किसी ‘फाइल ट्रांसफर वेबसाइट’ की मदद लें और उसके जरिए फाइल को जहां चाहें, भेज दें। ऐसी ही कुछ वेबसाइटों के नाम हैं. wetransfer.com और wesendit.com  जो क्रमश: 2 गीगाबाइट और 5 गीगाबाइट तक की फाइलें भेजने की मुफ्त सुविधा देती हैं। वैसे आप चाहें तो माइक्रोसॉफ्ट वन ड्राइव या गूगल ड्राइव पर फाइलें अपलोड करके उनके लिंक भी उन लोगों के साथ साझा कर सकते हैं, जिन्हें आप अपनी बड़ी फाइलें भेजना चाहते हैं।
    (लेखक सुप्रसिद्ध तकनीक विशेषज्ञ हैं)