जम्मू—कश्मीर में इस साल सुरक्षाबलों ने ढेर किए 19 आतंकी—आईजी कश्मीर

    दिनांक 23-मार्च-2021   
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जम्मू—कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों का सफाया जारी है। आंकड़ों की बात करें तो  सुरक्षा बलों ने इस साल अभी तक विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े 19 आतंकियों को मार गिराया। इसमें दो शीर्ष आतंकी शामिल हैं।

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जम्मू—कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों का सफाया जारी है। आंकड़ों की बात करें तो  सुरक्षा बलों ने इस साल अभी तक विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े 19 आतंकियों को मार गिराया। इसमें दो शीर्ष आतंकी शामिल हैं। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने सोमवार को शोपियां मुठभेड़ के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान घाटी में आतंकवाद का हिस्सा बनने वाले युवाओं से उन्होंने अपील की कि वह किसी भी गोलाबारी से पहले या बाद में आत्मसमर्पण कर दें।

इसके अलावा उन्होंने ऐसे युवाओं के माता-पिता से भी अपने बेटों को आतंकवाद का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हम उन युवाओं का खुले दिल से स्वागत करते हैं, जो आतंकवाद का रास्ता छोड़कर आते हैं। गौरतलब है कि सोमवार को शोपियां एनकाउंटर में कुल 4 आतंकवादी मारे गए हैं, जो लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे। आईजी कश्मीर ने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान रहीश अहमद भट्ट, आमिर, याकिब अहमद और अफ्ताब अहमद वानी के तौर पर हुई है।


मीडिया से बात करते हुए आईजी विजय कुमार ने बताया कि इस साल अभी तक 9 मुठभेड़ हुई हैं, जिसमें एक उत्तर कश्मीर और बाकी सभी मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर में हुई। वहीं इन मुठभेड़  में कुल 19 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें दो शीर्ष आतंकी— गनी ख्वाजा और सज्जाद अफगानी  शामिल है। मारे गए आतंकियों में कुल 9 शोपियां जिले के हैं। वहीं इस साल 18 नए लड़के आतंकी संगठन में शामिल हुए हैं, जिसमें से 5 मारे जा चुके हैं।

3 गिरफ्तार हुए हैं और बाकी अभी सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। वहीं इन मुठभेड़ों में 4 जवान बलिदान हुए हैं। उन्होंने बताया कि 7 लड़के जो आतंकी संगठन में भर्ती हुए थे, उन्हें सुरक्षाबलों की टीम घर वालों की मदद से वापस मुख्यधारा में लेकर आई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग अपनी आजीविका कमाएं और अधिक से अधिक पर्यटक कश्मीर घाटी की यात्रा करें। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल और कॉलेज पूरे साल सामान्य रूप से कार्य करें और ऐसा केवल शांतिपूर्ण वातावरण में ही संभव है। इसके अलावा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस,सेना और प्रशासन तैयार है।