छबड़ा के जिहादी उत्पात पर व्यापारियों की घोषणा—दोषियों की गिरफ्तारी तक नहीं खुलेंगी दुकानें, पुलिस—प्रशासन की नाकामी के चलते हालात हुए खराब

    दिनांक 14-अप्रैल-2021   
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छबड़ा में हुए दंगों के मामले में अब तक 25 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। छबड़ा व्यापार संघ का कहना है कि दोषियों की गिरफ़्तारी तक दुकानें नहीं खुलेंगी। इस दौरान व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन पर नाकामी का आरोप लगाया है
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राजस्थान स्थित बारां के छबड़ा में आबिद, फरीद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन भड़की हिंसा में जिहादियों ने 6 दर्जन के करीब दुकानें जला डाली थीं। कई पुलिसकर्मियों को घायल किया और सार्वजनिक संपत्ति को जमकर नुकसान पहुंचाया। इस दौरान प्रशासन ने कर्फ्यू 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया। इंटरनेट सेवा पर पाबंदी भी गुरुवार शाम तक बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि छबड़ा में हुए दंगों के मामले में अब तक 25 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। शांति समिति की बैठक प्रशासन की मौजूदगी में हुई, जिसमें जिलाधिकारी ने शांति बनाए रखने की अपील की है। छबड़ा व्यापार संघ का कहना है कि दोषियों की गिरफ़्तारी तक दुकानें नहीं खुलेंगी। व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन पर नाकामी के आरोप लगाए। पथराव, आगजनी, संपत्ति को नुकसान, राजकार्य में बाधा और पुलिस पर हमला सहित कई मामले दर्ज किए गए हैं।


दंगाइयों ने किया लाखों का नुकसान

कारोबारियों का कहना है जिहादी उत्पात में उनका बहुत नुकसान हुआ है। कटृटरपंथियों ने हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाकर न केवल लूटपाट की बल्कि करोड़ों रुपए का नुकसान किया है। खबरों की मानें तो शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यापारियों की मांगों पर मौन साधे रहे। उन्होंने कहा है कि आरोपितों को चिह्नित कर उनका राउंडअप किया जा रहा है। हालांकि, लोग संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए दोनों तरफ बराबरी की बात कह रहा है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि चाक़ूबाजों की तुरंत गिरफ़्तारी होती तो नौबत यहां तक आती ही नहीं