दृष्टिबाधितों की बाधा दूर करती नई तकनीक?

    दिनांक 15-अप्रैल-2021
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बालेन्दु शर्मा दाधीच

तकनीक की महत्ता इसी बात में है कि वह हर एक व्यक्ति के लिए सुविधाजनक स्थितियों का निर्माण करे, भले ही वह व्यक्ति शारीरिक दृष्टि से दूसरों से थोड़ी बहुत भिन्नता ही क्यों न रखता हो। छृष्टिहीन लोगों के लिए सौगात लाई है नई तकनीकं
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प्रौद्योगिकी उन लोगों के जीवन में भी सकारात्मक दखल रखती है जो किसी न किसी क्षमता से वंचित हैं। ऐसे ही लोग हैं- दृष्टिबाधित लोग।
साउंडस्केप नामक एप्प, जो कि आइफोन पर उपलब्ध है, किसी दृष्टिहीन व्यक्ति का सपना सच कर देने वाला है। दृष्टि नहीं होते हुए भी वह अपने आसपास की गतिविधियों, रास्तों, घटनाओं आदि से अपरिचित नहीं रहता। इसे अपने हैडफोन से कनेक्ट करने के बाद जब वह पैदल चलने लगता है तो अचानक एक ध्वनि गूंजती है और उसको पता चल जाता है कि उसका बस स्टॉप आ गया। यह आवाज इसलिए आई क्योंकि बस स्टॉप पर लगे एक उपकरण, जिसे बीकन कहते हैं, ने साउंडस्केप को संकेत भेजा और उसने उसे वह जानकारी दे दी। लोकेशन और बीकन्स की व्यवस्था के जरिए यह एप्प एक दृष्टिहीन व्यक्ति के मन में उसके आपसास की पूरी तस्वीर खींच देता है। यह 3डी ध्वनि आधारित तस्वीर है जिससे उसे अंदाजा लग जाता है कि उसका गंतव्य कितना पास या कितना दूर है, और वह अपने रास्ते पर है या उससे इधर-उधर भटक चुका है। दूरियों के अनुसार आवाज की गहराई और स्तर बदलता रहता है जिससे तैयार होता है एक वर्चुअल 3डी ध्वनि मानचित्र।

साउंडस्केप हमारी दैनिक जिंदगी में तकनीक के सकारात्मक दखल का एक मजबूत उदाहरण है। ऐसा ही एक और एप्प है-सीइंगएआई, जो आइफोन पर चलता है मगर बनाया इसे माइक्रोसॉफ्ट ने है। मान लीजिए कि कोई दृष्टिहीन कर्मचारी किसी बैठक में हिस्सा लेने के लिए आता है। अब उसे कैसे पता चलेगा कि बैठक कक्ष में कौनसी कुर्सी खाली है? सही जगह तक पहुंचना और बैठना बहुत मुश्किल होगा उसके लिए, बशर्ते कोई अन्य व्यक्ति उसकी मदद न करे।

जब वही व्यक्ति दफ़्तर जाने के लिए घर से निकलता है और अपने सुपरिचित रास्ते पर आगे बढ़ता है तब उसे कैसे पता चले कि सामने कोई कुत्ता उसी की दिशा में दौड़ता हुआ आ रहा है? एक और दृश्य पर गौर कीजिए। वही व्यक्ति दो लोगों के साथ बैठा है और तल्लीनता से अपनी बात कह रहा है। उन दोनों व्यक्तियों के चेहरे पर उसके लिए कैसे भाव हैं-खुशी के, जिज्ञासा के, या तिरस्कार के? कैसे जानेगा वह?

रोजमर्रा के जीवन में घटित होने वाली बहुत सी बातें और अनुभव जो हमारे लिए बहुत सामान्य और स्वाभाविक हैं, वही अनुभव किसी दृष्टिहीन इंसान के लिए बेहद मुश्किल और जटिल हो जाते हैं! जैसे यह कि जिस रेस्तरां में वह खाना खाने आया है उसके मेन्यू में आज क्या-क्या है, या फिर यह कि गुसलखाना किधर है।

एक दृष्टिहीन इंसान जिस रास्ते से रोज घर लौटता है वहां आज अचानक एक गड्ढा हो गया है, इसे वह कैसे जाने? सड़क पर चलते हुए इतनी अप्रत्याशित घटनाएं होने की आशंका रहती है कि दृष्टिहीन लोग या तो घर के बाहर निकलने से ही बचते हैं या फिर उन्हीं रास्तों तक सीमित रहते हैं जिन पर उनका नियमित आना-जाना है।

सीइंगएआई का इस्तेमाल कर दृष्टिहीन लोग अपने आसपास घटित हो रही गतिविधियों, लोगों, चीजों, स्थानों आदि को ‘सुन’ सकते हैं। माइक्रोसॉफ़्ट रिसर्च के तहत विकसित यह नवाचार युक्त तकनीक ‘मशीनी दृष्टि’ (कंप्यूटर विजन) को रोजमर्रा की जिंदगी में ले आई है।

यह एप्प आपको बता देगा कि सामने क्या हो रहा है या सामने कौन है। वह बताएगा कि सामने करीब 65 साल का एक बुजुर्ग व्यक्ति उदास बैठा हुआ है या 23 साल की लड़की बैडमिंटन खेल रही है। अगर आप कुछ लोगों के साथ बैठकर गपशप कर रहे हैं तो वह बताएगा कि 45 साल का एक शख्स बोर होकर उबासियां ले रहा है जबकि 34 साल की एक महिला आपकी बातों को सुनकर रोमांचित भाव से मुस्कुरा रही है। जब आप रास्ते में निकलते हैं तो यह तकनीक आपको बोलकर बता सकती है कि आसपास क्या हो रहा है। जैसे यह कि 500 मीटर की दूरी से एक कार आपकी तरफ आ रही है या यह कि अभी-अभी एक साइकिल सवार आपकी बार्इं तरफ से गुजरा है। यह भी कि सामने सड़क पर लगे साइन बोर्ड पर महात्मा गांधी रोड लिखा है। अगर आप किसी पुराने स्मारक में हैं तो वह सूचना पट्ट पर लिखा ब्योरा भी पढ़कर सुना देगा। एप्प अगर थोड़ा असुविधाजनक महसूस हो तो स्मार्टग्लास में भी यह तकनीक उपलब्ध है। इसे पहनने के बाद इसके फ्रेम पर उंगली फेरने भर से वह सामने का हाल सुना देता है। जाहिर है, टेक्नॉलॉजी न सिर्फ दृष्टिहीनों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रही है बल्कि वह उनको सड़क पर या अनजान हालात में सुरक्षित भी बना रही है। वह उन्हें किसी भी दूसरे शख्स की तरह सब कुछ जानने और ‘आॅब्जर्व’ करने की क्षमता भी दे रही है।

क्या आपको पता है कि विंडोज, मैक, एंड्रोइड आदि आॅपरेटिंग सिस्टम में स्क्रीनरीडर भी उपलब्ध हैं? स्क्रीनरीडर का मतलब आपकी स्क्रीन पर घटित हो रही गतिविधियों का विवरण देने तथा पाठ को पढ़कर सुनाने वाला सॉफ़्टवेयर। दृष्टिहीन लोगों के लिए कंप्यूटर की स्क्रीन कुछ भी नहीं होती, सिवाय एक काली, अंधकारपूर्ण कल्पना के। लेकिन फिर भी दृष्टिहीन कर्मचारी कंप्यूटरों पर काम करते हैं। वे भी आपकी और हमारी तरह फाइलें बनाते हैं, इंटरनेट की सुविधा का लाभ उठाते हैं, ईमेल संदेश भेजते-पाते हैं। आखिर यह कैसे होता है? यहीं पर स्क्रीनरीडर हमारे दृष्टिहीन मित्रों की मदद के लिए आगे आते हैं। विडोज 10 में जो स्क्रीनरीडर उपलब्ध है, उसका नाम है- नैरेटर। दिलचस्प बात यह है कि यह सिर्फ अंग्रेजी में ही नहीं बल्कि हिंदी भाषा में भी काम करता है। मैकओएस में वॉयसओवर के नाम से और एंड्रोइड में टॉकबैक के नाम से स्क्रीनरीडर उपलब्ध है। इनके अलावा भी कुछ लोकप्रिय स्क्रीनरीडर आते हैं जिन्हें दृष्टि बाधित कंप्यूटर प्रयोक्ता नि:शुल्क या सशुल्क आधार पर हासिल कर सकते हैं, जैसे- एन.वी.डी.ए. और जैज। तकनीक की महत्ता इसी बात में है कि वह हर एक व्यक्ति के लिए सुविधाजनक स्थितियों का निर्माण करे, भले ही फिर यह व्यक्ति शारीरिक दृष्टि से दूसरों से थोड़ी बहुत भिन्नता ही क्यों न रखता हो। दृष्टिहीनों के लिए प्रौद्योगिकी का निरंतर विकास हो रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई तथा सदा उपलब्ध ‘कनेक्टिविटी’ के वर्तमान दौर में हम बड़े क्रांतिकारी बदलावों की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।
    (लेखक सुप्रसिद्ध तकनीक विशेषज्ञ हैं)