दीया और तूफान

    दिनांक 26-अप्रैल-2021   
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कोविड-19 की दूसरी लहर की चुनौती बहुत बड़ी है। इस अप्रत्याशित और विशालकाय संकट से पार पाने  के लिए हमें संकल्प, धैर्य, मनोबल और तैयारी की आवश्यकता है। यह लड़ाई मात्र किसी सरकार की लड़ाई नहीं है बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक अंग को पूरी शिद्दत से अपनी भूमिका निभानी होगी, अकेले, मिलकर। देश के कोने-कोने में लोग व्यक्तिगत तौर पर, सांगठनिक तौर पर इसमें जुटे हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह माननीय दत्तात्रेय होसबाले जी ने भी इसी संवेदनशीलता के साथ लोगों से मिलकर कोरोना से लड़ने का आह्वान किया है।

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संकल्प, हौसले, तैयारी से पार करेंगे चुनौती -— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री


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कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई। जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे एहसास है। जिन लोगों ने बीते दिनों में अपनों को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। परिवार के एक सदस्य के रूप में, मैं आपके दु:ख में शामिल हूं।

चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है। इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में आॅक्सीजन की मांग बहुत ज्यादा बढ़ी है। इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र, सभी की पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को आॅक्सीजन मिले।

मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, एंबुलेंस के ड्राइवर, सुरक्षाकर्मी, पुलिसकर्मियों की सराहना करता हूं। आप अपनी चिंता छोड़कर दूसरों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए वैक्सीन विकसित की है। आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है। भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है। कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है। एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा। अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा।

हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों। वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए शुरू करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी। मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा।

मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसाइटी में, मोहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी-छोटी कमेटियां बनाकर कोविड अनुशासन का पालन करवाने में मदद करें। हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट जोन बनाने की जरुरत पड़ेगी, न कफर््यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की। अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं। मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें। आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है।