रोहतक: पीजीआई के कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाल रहे संघ के स्वयंसेवक

    दिनांक 27-अप्रैल-2021   
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कोरोना संक्रमण के कारण स्टाफ की कमी से जूझ रहे हरियाणा स्थित रोहतक पीजीआई में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं. ताकि यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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कोरोना संक्रमण के कारण स्टाफ की कमी से जूझ रहे हरियाणा स्थित रोहतक पीजीआई में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं. ताकि यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

पीजीआई में स्थापित कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का जिम्मा स्वयंसेवकों के कंधों पर है और स्वयंसेवक पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारी को निभा रहे हैं.

जिला संघचालक देवेंद्र गोयल एवं जिला कार्यवाह मनजीत सिंह ने बताया कि पीजीआई प्रशासन से मुलाकात कर व्यवस्था में सहयोग करने के लिए अनुमति मांगी थी. पीजीआई प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद 24 अप्रैल से ही स्वयंसेवकों ने पीजीआई में व्यवस्था में सहयोग प्रारंभ कर दिया है. संघ के स्वयंसेवक दो टोलियां बना कर अपना सहयोग दे रहे हैं.

पीजीआई के कोविड केयर सेंटर में हेल्पडेस्क व सोशल डिस्टेंस सुनिश्चित करवाने में स्वयंसेवक अपना योगदान दे रहे हैं, ताकि मरीजों व उनके परिजनों को किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़े. आपातकालीन डेस्क संभालने के लिए भी वह तैयार हैं. जब भी पीजीआई प्रशासन आपातकालीन डेस्क के लिए उन्हें मदद के लिए कहेगा तो वह तुरंत जाने के लिए तैयार हैं. यदि पीजीआई प्रशासन उनसे व्यवस्था के लिए और स्वयंसेवकों की मांग करता है तो पीजीआई प्रशासन को ओर स्वयंसेवक देने के लिए तैयार हैं.

 

काल सेंटर करेंगे स्थापित

पीजीआई में व्यवस्था में सहयोग करने के साथ-साथ अब संघ द्वारा पीजीआई में काल सेंटर भी तैयार किया जाएगा. ताकि कोई भी व्यक्ति घर बैठे कोरोना से सम्बंधित किसी प्रकार की जानकारी लेना चाहता है तो वह काल सेंटर पर फोन कर जानकारी ले सके. इसके लिए पूरे जिले में एक नंबर जारी किया जाएगा.

 

ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था

कोरोना महामारी को देखते हुए जनसेवा संस्थान ने अपने विद्यालय को कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित कर दिया है. विद्यालय को कोविड सेंटर में स्थापित करने के साथ ही यहां बड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता थी. स्वयंसेवकों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था कर दी गई है.