प्रयागराज : नया ईसाई झांसा-'डांट लगाओ, कोरोना भगाओ'

    दिनांक 28-मई-2021   
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प्रयागराज के सैम हिगिनबॉतम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय के अंदर बने चर्च से कुलपति राजेंद्र बिहारी भगवा कपड़ों में फैला रहे ईसाई अंधविश्वास
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देश में अनेक स्थानों से ईसाई मिशनरियों की भोले—भाले, गरीब, जनजातीय और गांव—देहात के लोगों को 'चमत्कार' के नाम पर फा। सकर कन्वर्नट करने की खबरें लगातार आती रही हैं। पंजाब हो या तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ हो या झारखंड, हिमाचल हो या केरल...हर जगह चंगाई सभाओं का आयोजन करके वहां सूट—बूट पहने मिशनरी 'चमत्कार' करते हैं और सामने खड़े पुरुषों और औरतों को जैसे 'सन्निपात' होता है और वे 'अचेत' हो जाते हैं। उन पर 'ईसा की कृपा' हो जाती है और सब 'बीमारियों से छुटकारा' मिल जाता है। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो आएदिन वायरल हो रहे हैं। लेकिन अब जरा इस पर गौर करें—

“यीशु के नाम से हम इस तूफ़ान को, इस महामारी को डांटते हैं–थम जा और हमारे लोगों पर अब कोई आक्रमण न कर। हम तेरे अधिकार को समाप्त करते हैं। जहां से तू आया है, तुझे हम वहीं भेज देते हैं यीशु के नाम से। आज से और इसी घड़ी से इसी समय से ये शैतानी शक्ति देश को छोड़ दे।...तूफान को डांटिए। बीमारों को चंगा कीजिए। दुष्ट आत्माओं को निकालिए। यीशु मसीह के नाम से वो निकल जाएगा।”

राजेंद्र बिहारी के यूट्यूब पर उनके अंधविश्वास फैलाने वाले वक्तव्य अपलोड किए जाते हैं। बड़ी चालाकी से लगभग हर भाषण ऐसे भगवा वेष में ही दिया जाता है। उनके कार्यक्रम में जुटने वालों में से ज्यादातर इस भगवा वेष को देखकर आते हैं जिन्हें वे पहली नजर में कोई हिन्दू संत लगते हैं, पर जब उनका ईसाई प्रचार सुनते हैं तब पूरा मामला समझ आता है।

पहली नजर में ये भी किसी घोषित ईसाई मिशनरी के किसी चंगाई सभा में कही बातें लगेंगी जो 'महामारी पर लानत' भेजते हुए, जानबूझकर सुनने वाले के दिमाग में 'यीशू का नाम' बैठा रहा है। लेकिन यह सही नहीं है, ये बातें कोई ईसाई मिशनरी नहीं बल्कि एक कुलपति बोल रहा है और वह भी इंजीनियरिंग कालेज का कुलपति। ये ईसाई पैगाम भी बड़े शरारतपूर्ण तरीके से हिन्दू संत के बाने, भगवा कपड़ों, भगवा टोपी में और रुद्राक्ष माला से मेल खाती माला पहनकर दिया जा रहा है। जानते हैं यह कुलपति कौन है? यह है वह व्यक्ति जो 23 करोड़ के घपले में जेल की हवा खा चुका है। हर रविवार को वेब के जरिए भोले—भाले लोगों को झांसा देने वाले हर रविवार को 'यीशू के दरबार' में बोलने वाले हैं कुलपति हैं राजेंद्र बिहारी लाल।

प्रयागराज में रेवा मार्ग पर यमुना के करीब ‘सैम हिगिनबॉतम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय’ के अंदर बने चर्च से कुलपति राजेंद्र बिहारी भगवा कपड़ों में ईसाई अंधविश्वास को हवा देते हैं। पाठकों को याद होगा, आईएमए के अध्यक्ष जयलाल ने आयुर्वेद पर उल्टी—सीधी टिप्पणियां करके बाबा रामदेव पर मानहानि का मामला दायर किया है। आईएमए के अभी तक के तमाम मोदी विरोधी पदाधिकारियों की तरह ही, जयलाल भी मोदी सरकार पर अनर्गल आरोप लगाते आ रहे हैं।

हिन्दू प्रतीकों और मान्यताओं को कोसने का ये कोई मौका नहीं गंवाते। उन्हीं जयलाल ने ईसा से कोरोना खत्म करने की प्रार्थना करने की बात स्वीकारी थी। इस पर काफी बहस छिड़ी थी। खुद को बड़ा प्रगतिशील मानने वाले खांटी मिशनरी जयलाल पर बहस के बीच अब अंधविश्वास फैलाता राजेंद्र बिहारी लाल का नया वीडियो लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजेंद्र बिहारी ने यूट्यूब पर एक चैनल बनाया हुआ है जिस पर उनके अंधविश्वासी और बरगलाने वाले ऐसे वक्तव्य अपलोड भी किए जाते हैं। बड़ी चालाकी से लगभग हर भाषण ऐसे भगवा वेष में ही दिया जाता है। उनके कार्यक्रम में जुटने वालों में से ज्यादातर इस भगवा वेष को देखकर आते हैं जिन्हें वे पहली नजर में कोई हिन्दू संत लगते हैं, पर जब उनका ईसाई प्रचार सुनते हैं तब पूरा मामला समझ आता है।

उल्लेखनीय है कि राजेंद्र बिहारी लाल 23 करोड़ के एक बैंक घोटाले में अप्रैल 2016 में न्यायिक हिरासत में रह चुके हैं। उनकी जमानत याचिका अस्वीकार हो गई थी।