एमबीबीएस और नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्र कोरोना से लड़ाई में डॉक्टरों का देंगे साथ

    दिनांक 04-मई-2021   
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कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 से लड़ने के लिए चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पीएमओ की तरफ से जारी बयान के मुताबिक एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को फैकल्टी की देखरेख में टेली कंस्लटेशन और हल्के कोविड मामलों की निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया जायेगा।
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कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 से लड़ने के लिए चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पीएमओ की तरफ से जारी बयान के मुताबिक एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को फैकल्टी की देखरेख में टेली कंस्लटेशन और हल्के कोविड मामलों की निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया जायेगा।

वरिष्ठ डॉक्टर्स और नर्सों की देखरेख में बीएससी / जीएनएम की योग्य नर्सों का फुल टाइम कोविड नर्सिंग की ड्यूटी पर लगाया जायेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों को माइल्ड कोविड मामलों के टेली कंसल्टेशन और मॉनिटरिंग के काम में लगाया जायेगा।

इन सभी मेडिकल इंटर्न्स को उनकी फैकेल्टी की देखरेख में कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए तैयार किया जायेगा। इतना ही नहीं कोविड ड्यूटी में लगे जो चिकित्साकर्मी 100 दिनों के कार्य को पूरा करेंगे, उन्हें प्रधानमंत्री के प्रतिष्ठित कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। वहीं जिन मेडिकल स्टूडेंट्स को ड्यूटी पर लगाया जाएगा, उनका प्रॉपर तरीके से वैक्सीनेशन किया जायेगा। इसके अलावा कोरोना में लगे हेल्थ वर्कर्स की तरह इन छात्रों को भी केंद्र की बीमा स्कीम में हेल्थ कवर मिलेगा।