कोविड 19: चमगादड़ों ने किया डब्ल्यूएचओ और चीन का झूठ बेनकाब!

    दिनांक 15-जून-2021   
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ऑस्ट्रेलिया के स्काई न्यूज चैनल द्वारा हाल में जारी वीडियो में दिख रहे हैं वुहान लैब में पिंजरों में बंद जिंदा चमगादड़। चीन के हर झूठ से धीरे-धीरे उठ रहा पर्दा
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संदेह के घेरे में वुहान लैब। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. तेद्रोस  (बाएं प्रकोष्ठ में) और राष्ट्पति शी जिनपिन   (दाएं प्रकोष्ठ में)

पिछले साल कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि चीन की वुहान लैब में जिंदा चमगादड़ों को रखा जाता है, उन पर प्रयोग किए जाते हैं तो विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने फौरन बयान दिया था कि ऐसे विचारों से 'साजिश' की बू आती है। लेकिन हाल में सामने आया वीडियो उस संदेह को पुख्ता आधार देता है कि चीन की उस लैब में सच में जिंदा चमगादड़ रखे जाते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वुहान लैब में जिंदा चमगादड़ रखे थे। यही वीडियो विश्व स्वास्थ्य संगठन के उस दावे को भी खारिज करता है, जिसमें उसने कहा था कि चमगादड़ों को लैब में रखने और कोरोना वायरस की उत्पत्ति वुहान लैब से होने की बात बस एक 'साजिश' है।

स्काई न्यूज ने दिखाया वीडियो
पिछले लगभग एक माह से पूरी दुनिया में यह मांग और जोर—शोर उठनी शुरू हुई है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति हो न हो, चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से हुई है, अत: लैब की नए सिरे से जांच हो। इसी के संदर्भ में ऑस्ट्रेलिया के स्काई न्यूज चैनल ने गत 13 जून को नए सबूत सामने आने का खुलासा किया है। इससे साबित होता है कि वुहान लैब में जिंदा चमगादड़ों को पिंजरों में रखा जाता था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है। इसमें वुहान लैब में चमगादड़ रखे दिखते हैं। ये वीडिया विश्व स्वास्थ्य संगठन के उक्त दावे की भी पोल खोल देता है। इस वीडियो को ऑस्ट्रेलिया की पत्रकार शैरी मार्कसन ने साझाा किया है अपने ट्वीटर अकाउंट पर।

cheen_1  H x W:पिंजरे में बंद चमगादड़ (वीडियो फुटेज)

ये वीडियो चीन की विज्ञान अकादमी का है। इसमें मई 2017 की दस मिनट की रिकार्डिंग है। वीडियो में साफ दिखता है कि लैब में चमगादड़ पिजरों में बंद हैं। इसमें चमगादड़ों को कीड़े खिलाते दिखाया गया है। कुछ वैज्ञानिकों से बातचीत भी है। वीडियो कैसे लीक हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन इसमें में हादसा होने पर सुरक्षा मानकों को लेकर बताया गया था। साथ ही, वीडियो में लैब स्थापित करने के संदर्भ में फ्रांस की सरकार से हुए विवाद की भी चर्चा है।

डब्ल्यूएचओ ने छुपाया सच?
वीडियो के सामने आने के बाद, एक और सवाल उठा है वैज्ञानिकों के मन में, कि पीछे जब कोरोना वायरस कहां से आया, इस बारे में जो डब्ल्यूएचओ ने जांच रपट पेश की थी, उसमें भी उसने यह स्पष्ट क्यों नहीं किया था कि चीन की उस लैब में चमगादड़ रखे जाते थे। उसमें था बस इतना कि 'वुहान की लैब में पशुओं की तमाम प्रजातियों को उनके कमरे सार्स—सीओवी—2 में बहुत ध्यान से रखा जाता था'। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक विशेषज्ञ को तो यह भी कहना था कि चमगादड़ रखे जाने की बात करना एक 'साजिश' है।

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वुहान लैब में एक चमगादड़ को कीड़ा खिलाता हुआ एक वैज्ञानिक (वीडियो फुटेज)

डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ ने अब अपना मत बदलते हुए माना है कि वुहान लैब में हो सकता है, चमगादड़ रखे गए हों। अब वे यह भी मानते हैं डब्ल्यूएचओ के जांच दल ने वुहान लैब के वैज्ञानिकों से चमगादड़ों के बारे में कुछ पूछा ही नहीं था। वे कहते हैं, दूसरी कई वायरोलॉजी लैब की ही तरह वहां भी कोई 'बैट कॉलोनी' बनाई जा रही हो।

कुल मिलाकर, सारे संकेत एक बार फिर से, चीन और डब्ल्यूएचओ की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। कहा जा रहा है कि इस वीडियो को ढूंढ निकालने वाला अनुसंधानकर्ताओं का वह दल है जो कोरोना की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटा है।

ऑस्ट्रेलियाई रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में कहा गया है कि लैब के निर्माण के दौरान उन्हें पर्दे के पीछे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह शुरू में फ्रांसीसी और चीनी सरकारों का एक संयुक्त उपक्रम था, लेकिन वैसा चला नहीं। लैब बनकर तैयार होने के बाद फ्रांस के वैज्ञानिक और अधिकारियों को हटा दिया गया, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि इस में जाने कौन सा जैविक शोध होगा। इस वीडियो में 'बैट लेडी' शी झेंगली भी दिखती हैं जिनके टोप से एक चमगादड़ लटका दिखता है। बताया गया है कि दस से ज्यादा साल से सार्स की उत्पत्ति पर शोध कर रहे शी के शोध दल ने चीन तथा कई अफ्रीकी देशों से 15,000 से ज्यादा चमगादड़ों के नमूने जमा किए हैं।

पकड़े गए तो पलट गए!
एक और अजीब बात। डब्ल्यूएचओ के उक्त विशेषज्ञ ने हाल में अपना मत बदलते हुए माना है कि वुहान लैब में हो सकता है, चमगादड़ रखे गए हों। अब वे यह भी मानते हैं डब्ल्यूएचओ के जांच दल ने वुहान लैब के वैज्ञानिकों से चमगादड़ों के बारे में कुछ पूछा ही नहीं था। वे कहते हैं, दूसरी कई वायरोलॉजी लैब की ही तरह वहां भी कोई 'बैट कॉलोनी' बनाई जा रही हो। वहां और दूसरे कई देशों की लैब में ऐसा हो रहा है। इस विशेषज्ञ की यह बात गौर और चिंता करने योग्य है कि कई दूसरे देशों की लैब में भी 'वैट कॉलोनी' बनाई जाती हैं। यानी कोरोना जैसी और कोई महामारी फैलने के भी आसार हो सकते हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद से, दुनियाभर में कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकीर छिड़ी बहस में एक नया आयाम जुड़ा है। बताते हैं, अब शोध और जांच में लगे विभिन्न देशों के दल इस दृष्टि से भी चीन से सवाल करेंगे और नए निष्कर्षों पर पहुंचने की कोशिश करेंगे।