रांची में दो जनजाति लड़कियों के साथ बलात्कार, चुप है राज्य सरकार

    दिनांक 18-जून-2021
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रितेश कश्यप
झारखंड में जून महीने के 10 दिन के अंदर ही दो जनजाति  के साथ बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। इससे पता चलता है कि वर्तमान राज्य सरकार जनजातियों की सुरक्षा करने में असफल होती जा रही है।
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इस समय झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में कांग्रेस और राजद की गठबंधन सरकार चल रही है। यह वही झामुमो है, जो अपने को जनजातियों की पार्टी मानता है।  झामुमो के राज में राजधानी रांची में दो जनजाति लड़कियों के साथ बलात्कार की घटना हुई, लेकिन झामुमो के किसी भी नेता ने इस पर कुछ नहीं बोला। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी चुप हैं। इस चुप्पी का करण आप जानेंगे तो दंग रह जाएंगे। चुप्पी का मुख्य कारण है वोट बैंक। बता दें कि एक घटना में तो प्रत्यक्ष रूप से अफताब अंसारी नामक एक युवक जुड़ा है, जबकि दूसरी घटना रांची के चुटिया स्थित रेलवे के उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त मो. शाकिब के आवास पर घटी है। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल महतो कहते हैं, ''झामुमो मुस्लिम तुष्टीकरण में कांग्रेस से भी आगे निकल चुका है। इसलिए कहीं भी कोई घटना होती है और उसमें आरोपी कोई मुसलमान होता है, तो उस पर सरकार की ओर से न तो कोई कार्रवाई होती है और न पार्टी की ओर से कोई बयान दिया जाता है। ऐसा लगता है कि अब झामुमो जनजातियों की नहीं, मुसलमानों की पार्टी बन कर रह गई है।''

अब दोनों घटनाओं को देखते हैं। पहले मो. शाकिब के आवास पर घटी घटना की बात करते हैं। पीड़िता नाबालिग है और मो. शाकिब के घर काम करती थी। कहा जा रहा है कि आरपीएफ जवान शंभूनाथ ने पहले पीड़िता का अश्लील वीडियो बनाया और जब—तब उसे वह वीडियो दिखाकर डरा—धमकाकर उसके साथ बलात्कार करता था। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त मो. शाकिब को भी थी। जब यह घटना सामने आई तो शाकिब ने इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज न करा कर विभागीय कार्रवाई करते हुए आरोपी जवान को बर्खास्त कर दिया। कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि किसी नाबालिग बच्ची को कोई अपने घर काम के लिए कैसे रख सकता है!

दूसरा मामला 16 जून को सामने आया है। रातू की रहने वाली 18 वर्षीया एक जनजाति छात्रा ने आरोप लगाया है कि अगडू निवासी अफताब अंसारी उसका छह महीने से यौन शोषण कर रहा है।   पीड़िता के अनुसार जब वह स्कूल जाती थी तो आफताब अंसारी हमेशा उसका पीछा किया करता था। छात्रा के कई बार विरोध करने के बाद भी अंसारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। यही नहीं, एक दिन छात्रा को अकेली देखकर अंसारी नवंबर, 2020 में उसके घर घुस गया। बलात्कार के बाद उसने वीडियो भी बना लिया।

पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म का विरोध करने पर आफताब उसे हमेशा जान से मारने की धमकी दिया करता था। इसी डर से पीड़िता ने अब तक किसी को नहीं बताया था। पिछले कुछ दिनों से पीड़िता को काफी परेशान किया जा रहा था और धमकी देकर उसके साथ गलत संबंध बनाने का दबाव दिया जा रहा था। हार कर इसकी जानकारी छात्रा ने अपने परिजनों को दी। परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अफताब अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। अभी अंसारी फरार है। डीएसपी प्रवीन सिंह ने बताया कि छात्रा का मेडिकल कराने के बाद 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया जाएगा उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इन मामलों पर महिला एवं बाल विकास आयोग की पूर्व अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा है कि अपने आपको जनजातियों की सरकार कहने वाली वर्तमान हेमंत सरकार में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। आये दिन महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म होना यही बताता है की सरकार को इनकी तनिक भी चिंता नहीं है।